1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 25 Feb 2026 06:49:01 PM IST
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Bihar Tourism: क्या आप भी वॉटरफॉल देखने जाने का प्लान बना रहे हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए है। आपको जानकर हैरानी होगी कि बिहार में भी एक ऐसी शानदार जगह मौजूद है, जहां के वॉटरफॉल को देखने के लिए लोग दूर दराज इलाकों से पहुंचते हैं। यहां का नजारा इतना मनमोहक है कि पहली नजर में यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि यह बिहार में ही है। बिहर लगातार पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। हर साल यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। धार्मिक स्थलों के लिए मशहूर यह राज्य प्राकृतिक सुंदरता के मामले में किसी से कम नहीं है।
बिहार पर्यटन के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। हर साल यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। धार्मिक स्थलों के लिए मशहूर यह राज्य प्राकृतिक सुंदरता के मामले में भी किसी से कम नहीं है। अगर आप प्रकृति के करीब सुकून के पल बिताना चाहते हैं, तो रोहतास जिले में स्थित मां टुटला भवानी वॉटरफॉल आपके लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन हो सकता है। यहां पहुंचकर ऐसा अहसास होता है मानो आप केरल की हरी भरी वादियों में खड़े हों।
बिहार हिंदू, बौद्ध, जैन और सिख धर्म के पवित्र स्थलों के लिए जाना जाता है। देश दुनिया से लोग यहां तीर्थ यात्रा के लिए आते हैं। साथ ही यहां की संस्कृति, मधुबनी पेंटिंग, लोक नृत्य और लोक गीत भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। लेकिन इन सबके बीच रोहतास की पहाड़ियों में बसा यह वॉटरफॉल प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।
क्या है इस खूबसूरत वॉटरफॉल का नाम
हम बात कर रहे हैं रोहतास जिले में स्थित मां टुटला भवानी वॉटरफॉल की। यह जलप्रपात अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। दो विशाल पहाड़ों के बीच से निकलता पानी करीब 200 मीटर की ऊंचाई से नीचे गिरता है। झरने की कलकल आवाज और चारों ओर फैली हरियाली मन को सुकून देती है। यही वजह है कि यहां हर दिन पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है।
कहां है स्थित
मां टुटला भवानी वॉटरफॉल सासाराम शहर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ धार्मिक महत्व भी रखता है। पास ही मां टुटला भवानी का मंदिर है, जहां श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में पूजा करने के बाद अधिकतर लोग वॉटरफॉल का दीदार करना नहीं भूलते।
ये है टिकट की कीमत
वॉटरफॉल देखने के लिए प्रवेश टिकट लेना अनिवार्य है। एंट्री फीस 30 रुपये निर्धारित की गई है। पर्यटक सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक यहां घूम सकते हैं। चूंकि झरने के आसपास फिसलन रहती है, इसलिए मजबूत पकड़ वाले जूते पहनकर आना बेहतर होता है।
यहां आने वाले पर्यटक आसपास के अन्य दर्शनीय स्थलों की सैर भी कर सकते हैं। सासाराम में स्थित शेरशाह सूरी का मकबरा अपनी ऐतिहासिक भव्यता के लिए जाना जाता है। इसके अलावा तारा चंडी मंदिर और नेहरू पार्क भी घूमने लायक जगहों में शामिल हैं।
कब है वॉटरफॉल देखने का अच्छा समय
हालांकि इस वॉटरफॉल को सालभर देखा जा सकता है, लेकिन अक्टूबर से नवंबर का समय सबसे अच्छा माना जाता है। इस दौरान मौसम सुहावना रहता है और हल्की धूप में गिरता पानी बेहद आकर्षक दिखाई देता है। पूरे क्षेत्र को अच्छे से देखने और प्रकृति का आनंद लेने के लिए कम से कम तीन घंटे का समय निकालना चाहिए।
कैसे पहुंचे यहां तक
यह स्थान सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। ट्रेन से आने वाले पर्यटक सासाराम रेलवे स्टेशन उतर सकते हैं, जो वॉटरफॉल से कुछ किलोमीटर की दूरी पर है। वहां से टैक्सी या ऑटो लेकर आसानी से पहुंचा जा सकता है। हवाई मार्ग से आने वालों के लिए गया एयरपोर्ट सबसे नजदीक है, जो लगभग 97 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा पटना और वाराणसी एयरपोर्ट से भी सड़क मार्ग के जरिए यहां पहुंचा जा सकता है।