Bihar News: बिहार के इस जिले में मिल्क पाउडर प्लांट का निर्माण, ₹67 करोड़ किए जाएंगे खर्च

Bihar News: बिहार में यहाँ बनेगा 69.66 करोड़ रुपये की लागत से मिल्क पाउडर प्लांट, रोज 30 मीट्रिक टन पाउडर का उत्पादन। सुधा ब्रांड के तहत COMFED संचालित इस प्लांट से किसानों की बढ़ेगी आय और युवाओं को मिलेगा रोजगार।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 30, 2025, 9:58:12 AM

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प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार सरकार ने डेयरी क्षेत्र को अब और मजबूत करने के लिए रोहतास जिले के डेहरी ऑन सोन में अत्याधुनिक मिल्क पाउडर प्लांट स्थापित करने का फैसला लिया है। इस परियोजना की लागत 69.66 करोड़ रुपये है और यह प्रतिदिन 30 मीट्रिक टन मिल्क पाउडर का उत्पादन करेगा। बिहार कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दे दी है और यह जल्द ही जमीन पर उतरेगी।


बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड के तहत संचालित यह प्लांट शाहाबाद दुग्ध संघ द्वारा प्रबंधित होगा। जो रोहतास, भोजपुर, बक्सर और कैमूर जिलों को कवर करता है। यह परियोजना स्थानीय दूध उत्पादकों और किसानों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी, साथ ही क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।


यह प्लांट स्थानीय किसानों को अपने दूध की प्रोसेसिंग और बिक्री के लिए जिला-स्तरीय सुविधा प्रदान करेगा। पहले किसानों को दूध बेचने के लिए दूर शहरों या निजी एजेंसियों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और लागत बढ़ती थी। अब डेहरी में मिल्क पाउडर प्लांट की स्थापना से किसानों को बेहतर दाम और कम परिवहन लागत के साथ स्थानीय स्तर पर दूध बेचने का अवसर मिलेगा।


आने वाले समय में यह प्लांट रोहतास के डेयरी क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। इससे शाहाबाद क्षेत्र के 12 लाख दुग्ध उत्पादकों को सीधा लाभ होगा। जिनमें 2.5 लाख महिलाएँ भी शामिल हैं। इस प्लांट से तकनीकी, प्रशासनिक और संचालन से जुड़े कई रोजगार सृजित होंगे, जिससे स्थानीय युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या कम होगी। सुधा ब्रांड पहले से ही बिहार, झारखंड, दिल्ली और पूर्वोत्तर राज्यों में लोकप्रिय है। इस प्लांट से यह और मजबूत होगा।


डेहरी में यह परियोजना रोहतास को बिहार के डेयरी नक्शे पर एक प्रमुख केंद्र बनाएगी। COMFED के अनुसार बिहार में दूध उत्पादन 2005 के 4 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 2024 में 20 लाख लीटर प्रतिदिन हो चुका है। यह प्लांट इस वृद्धि को और भी गति देगा।रोहतास जिला डेयरी विकास कार्यालय, सासाराम पहले से ही किसानों को ऋण, सब्सिडी और प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। इस प्लांट से क्षेत्र में डेयरी बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और किसानों को उन्नत तकनीक और बाजार तक बेहतर पहुँच मिलेगी। यह परियोजना बिहार के डेयरी क्षेत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।