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KAIMUR: आरजेडी ने छेदी पासवान की विरासत पर खेला बड़ा दांव, निर्दलीय रवि पासवान को दिया समर्थन

कैमूर की मोहनिया विधानसभा सीट पर राजद ने निर्दलीय उम्मीदवार रवि पासवान को समर्थन देकर श्वेता सुमन के नामांकन रद्द होने के बाद राजनीतिक दांव खेला। यह कदम दलित वोट बैंक और छेदी पासवान की विरासत को साधने के लिए उठाया गया।

बिहार
श्वेता सुमन के नामांकन रद्द
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

KAIMUR: कैमूर जिले की मोहनिया विधानसभा सीट पर इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। राजद ने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए निर्दलीय प्रत्याशी रवि पासवान को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी है। यह फैसला तब आया जब राजद की अधिकृत प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन रद्द हो गया था। पार्टी ने सोशल मीडिया के माध्यम से औपचारिक रूप से रवि पासवान के समर्थन की घोषणा की, जिससे पूरे क्षेत्र में नई राजनीतिक हलचल मच गई है।


रवि पासवान, क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद छेदी पासवान के पुत्र हैं। छेदी पासवान का इस क्षेत्र में गहरा प्रभाव रहा है, और उनके परिवार का नाम आज भी दलित समाज में बड़ी सम्मानित पहचान रखता है। ऐसे में राजद का यह कदम स्पष्ट रूप से छेदी पासवान की राजनीतिक विरासत को साधने और दलित वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।


विश्लेषकों का मानना है कि राजद की यह रणनीति एक तीर से दो निशाने साधने जैसी है। पहला, दलित समुदाय के वोटों को अपने पक्ष में मोड़ना और दूसरा, पार्टी में नामांकन विवाद के बाद पैदा हुई नाराजगी को शांत करना। इसके अलावा यह निर्णय एनडीए, विशेष रूप से बीजेपी के लिए भी चुनौती बन गया है, क्योंकि अब मोहनिया का मुकाबला सीधा नहीं, बल्कि त्रिकोणीय हो गया है।


स्थानीय स्तर पर राजद कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि रवि पासवान युवा, ऊर्जावान और जनता से जुड़े नेता हैं, जो अपने पिता की तरह विकास की राजनीति को आगे बढ़ा सकते हैं। उधर, बीजेपी भी अपने परंपरागत वोट बैंक को बचाने और सीट को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राजद का यह बड़ा दाँव मोहनिया की राजनीति में नया समीकरण बना पाएगा, और क्या रवि पासवान अपने पिता की विरासत के साथ राजद के समर्थन से नई राजनीतिक कहानी लिख पाएंगे या नहीं।

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RANJAN

FirstBihar संवाददाता