PATNA: रेरा बिहार ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 2005 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स का पंजीकरण पूरा कर लिया है। राज्य में अब तक 29 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और 1.34 लाख फ्लैट्स का निर्माण हुआ है। साथ ही घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा और शिकायतों के त्वरित निपटारे पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) बिहार में निबंधित प्रोजेक्ट्स की संख्या 2000 से अधिक हो गयी है। बुधवार तक निबंधित प्रोजेक्ट्स की कुल संख्या 2005 थी और ये अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यहाँ यह बता देना आवश्यक है कि पिछले एक माह से प्राधिकरण ने एक विशेष अभियान चलाया ताकि निबंधन योग्य सभी आवेदनों का निपटारा कम समय में हो। इस अवधि में लगभग 30 प्रोजेक्ट्स का निबंधन किया गया।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए रेरा बिहार के अध्यक्ष श्री विवेक कुमार सिंह ने कहा कि, ‘2000 की संख्या एक मील का पत्थर है और आगे इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि प्राप्त आवेदनों का निपटारा त्वरित गति से हो ताकि भू-सम्पदा प्रक्षेत्र में अधिक से अधिक कार्य हो एवं आम लोगों के घर की जरूरतों के हिसाब से निर्माण कार्य हो।“
2 अप्रैल 2018 में अपनी स्थापना के पश्चात रेरा बिहार में प्रोजेक्ट निबंधन के कुल 2532 आवेदन प्राप्त हुए जिसमे 2005 प्रोजेक्ट्स को निबंधन प्राप्त हुआ जबकि 465 आवेदन अनिवार्य दस्तावेजों के आभाव में रद्द कर दिए गए। दो प्रोजेक्ट्स के निबंधन को रिवोक (निरस्त) किया गया जबकि 60 आवेदन की अभी जांच की जा रही है।
रेरा अध्यक्ष ने कहा कि यद्यपि लंबित आवेदनों का प्रतिशत कुल प्राप्त आवेदनों का मात्र 2.37% है, फिर भी सम्बंधित पदाधिकारिओं की निदेश दिया गया है कि आने वाले एक माह में सभी लंबित आवेदनों का निष्पादन गुण-दोष के आधार पर कर दिया जाए ताकि भू-सम्पदा प्रक्षेत्र में काम करे रहे लोग, जो अपने प्रोजेक्ट के निबंधन हेतु इक्षुक हैं, अपने काम को आगे बढ़ा सकें।
रेरा बिहार की स्थापना के पश्चात निबंधित प्रोजेक्ट्स में 29000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है और 1.34 लाख से अधिक फ्लैट्स का निर्माण हुआ है। यह निवेश 1100 से अधिक बिल्डरों द्वारा किया गया है। जहाँ एक तरफ प्राधिकरण भू-सम्पदा प्रक्षेत्र के विकास हेतु विभिन्न पहल कर रही है वहीँ इस बात का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि घर खरीददारों के हितों की रक्षा से कोई समझौता नहीं हो। इस हेतु रेरा बिहार द्वारा प्राप्त शिकायत वादों के त्वरित निष्पादन हेतु अनेक कदम उठाये हैं।
इन प्रयासों का फल परिलक्षित होना भी शुरू हो गया है। अब तक प्राप्त कुल 5551 शिकायत वादों में से 4512 वादों का निपटारा कर दिया गया है जो कुल दायर शिकयत वादों का 81% से अधिक है। रेरा अधिनियम में प्राप्त शक्तिओं के आलोक में प्राधिकरण ने कुल पाँच पीठों का गठन किया है ताकि अधिक से अधिक वादों की त्वरित सुनवाई हो एवं इनका निपटारा हो सके।
प्राधिकरण घर खरीददारों के हितों की रक्षा हेतु भी तत्पर है एवं ऐसे अनके कदम उठाये गए हैं जिनका उद्देश्य घर खरीदारों को गैर निबंधित प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाने से बचा सके। इस हेतु विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया है एवं घर खरीददारों से सीधे संवाद भी किया जा रहा है।





