PATNA: बिहार में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और पूर्णिया में 400 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होगा। जुलाई 2026 से 200 बसों की शुरुआत होगी, जिनमें 50 पिंक बसें महिलाओं की सुरक्षित यात्रा के लिए समर्पित रहेंगी।
राज्य में आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल एवं यात्री-केंद्रित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बुधवार को एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा संचालित पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार राज्य पथ परिवहन निगम,परिवहन विभाग और ग्रीनसेल मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के बीच होटल मौर्या, पटना में 400 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन हेतु कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर परिवहन विभाग मंत्री दामोदर रावत, परिवहन सचिव राज कुमार, राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा, परिवहन विभाग अपर सचिव प्रवीण कुमार और कृत्यानंद रंजन सहित विभाग एवं निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पटना, गयाजी समेत छह शहरों में इलेक्ट्रिक बसों का होगा परिचालन
योजना के अंतर्गत बिहार को 35 एवं 42 सीटर की कुल 400 अत्याधुनिक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होंगी। इन बसों का परिचालन पटना, गयाजी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा एवं पूर्णिया में किया जाएगा। प्रथम चरण में जुलाई 2026 से 200 बसों का परिचालन प्रारंभ किया जाएगा, जिनमें महिलाओं की सुरक्षित एवं सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए 50 बसों का संचालन विशेष पिंक बस के रूप में किया जाएगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी इलेक्ट्रिक बसें
सभी बसों में सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस आधारित रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम, पैनिक बटन, पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम, फायर सेफ्टी किट, फर्स्ट एड किट तथा मोबाइल चार्जिंग पॉइंट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी बसें आधुनिक सुरक्षा उपकरणों से सुसज्जित होंगी।
निगम के सभी छह प्रमंडलों में विकसित किये जा रहे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
इलेक्ट्रिक बसों के सुचारु रुप से संचालन के लिए प्रत्येक 50 बस पर बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के सभी छह प्रमंडलों में ऊर्जा विभाग के सहयोग से आधुनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक बस डिपो में 50 बसों की क्षमता हेतु कुल आठ चार्जर अधिष्ठापित किये जायेंगे। फास्ट चार्जिंग तकनीक आधारित चार्जर स्थापित किए जाएंगे, जिनकी सहायता से बसों को लगभग 1 से 1.5 घंटे में पूर्ण रूप से चार्ज किया जा सकेगा।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन प्रदूषण में आयेगी कमी - परिवहन मंत्री
परिवहन विभाग मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि, पीएम ई-बस सेवा योजना बिहार के शहरी परिवहन क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगी। यह केवल बसों की संख्या बढ़ाने की योजना नहीं है, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ, आरामदायक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने का एक व्यापक प्रयास है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण में कमी आएगी, ईंधन पर निर्भरता घटेगी तथा लोगों को निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
यात्रियों को विश्वस्तरीय परिवहन सुविधाएं होंगी उपलब्ध - परिवहन सचिव
परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि, राज्य सरकार आधुनिक तकनीक आधारित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। 400 इलेक्ट्रिक बसों के परिचालन से बिहार के प्रमुख शहरों में यातायात प्रबंधन बेहतर होगा तथा यात्रियों को विश्वस्तरीय परिवहन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके लिए आवश्यक चार्जिंग एवं परिचालन अवसंरचना का विकास भी समानांतर रूप से किया जा रहा है।
सार्वजनिक परिवहन को नई गति मिलेगी - प्रशासक, बीएसआरटीसी
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक श्री अतुल कुमार वर्मा ने कहा कि, यह कंसेशन एग्रीमेंट बिहार में हरित एवं टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। निगम द्वारा राज्य में बस टर्मिनलों के आधुनिकीकरण, ई-टिकटिंग व्यवस्था तथा यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बसों का यह बेड़ा सार्वजनिक परिवहन को नई गति और नई पहचान प्रदान करेगा। बीएसआरटीसी द्वारा राज्य में आधुनिक बस टर्मिनल हेतु अपने कुल 31 बस डिपो/स्टैंड को आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार के माध्यम से पीपीपी मोड पर विकसित कर रहा है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान की जा सके।







