PATNA: पटना के अगमकुआं थाने में धरने पर बैठे ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के समर्थन में उनके वकील ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रौशन आनंद की शिकायत पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने में टालमटोल कर रही है, जबकि खान सर ने जब रौशन आनंद के खिलाफ केस दर्ज कराया तब मामले में तत्काल कार्रवाई की गई थी।
रौशन आनंद के वकील ने कहा कि एक व्यक्ति ने कथित साजिश के तहत रौशन आनंद के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद उन्हें तुरंत जेल भेज दिया गया। उन्होंने दावा किया कि जेल के अंदर भी रौशन आनंद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी। इसके विपरीत, अब जब रौशन आनंद स्वयं शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे हैं, तो उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून का उद्देश्य दोषियों को सजा दिलाना और निर्दोषों को न्याय प्रदान करना है। लेकिन रौशन आनंद पिछले कई घंटों से थाने में बैठे हुए हैं और उनकी शिकायत पर अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
वकील ने कहा कि उनका पूरा प्रयास रहेगा कि रौशन आनंद को न्याय मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि रौशन आनंद अपने भाई प्रिंस यादव की मौत के मामले में न्याय के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें विभिन्न स्तरों पर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संबंधित थाना पुलिस अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही है। वकील के अनुसार, पुलिस अधिकारियों की ओर से यह कहा जा रहा है कि मामले में "ऊपर से दबाव" है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बता दें कि ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद पटना के अगमकुआं थाने में खान सर के खिलाफ केस दर्ज करवाने पहुंचे। लेकिन उन्हें थाने में 5 घंटे तक बैठाकर रखा गया और खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किया गया। यह कहना है कि रौशन आनंद और उनके वकील का। जो अब थाने में धरना पर बैठे हुए हैं।
छोटे भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से रौशन आनंद काफी टूट गये हैं। उनका कहना है कि प्रिंस मेरा कलेजे का टुकड़ा था, जिसकी षडयंत्र के तहत हत्या कर दी गयी है। खान ग्लोबल स्टडीज के मालिक फैजल खान उर्फ खान सर पर रौशन आनंद ने हत्या का आरोप लगाया है। रौशन आनंद ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। जेडीयू नेता संजय झा से भी उन्होंने भाई को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
रौशन आनंद ने कहा कि हम यहां से कही नहीं जाएंगे थाने पर तब तक बैठे रहेंगे जब तक खान सर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं किया जाता। इस दौरान छात्रों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि रौशन सर मत घबराना हम तुम्हारे साथ हैं। लगातार छात्रों ने थाना परिसर में रौशन आनंद के समर्थन में नारे लगाए। वही रौशन आनंद ने कहा कि मेरा जिन्दगी बर्बाद हो गया है, मेरा कैरियर बर्बाद हो गया है, यह सब खान सर के कारण हुआ है।
रौशन आनंद ने कहा कि खान ने मेरी जिन्दगी बर्बाद करके रख दिया है। पटना पुलिस खान के खिलाफ कार्रवाई करने से डर रही है। हम पटना पुलिस से मांग करते हैं कि आप न्याय नहीं दिला सकते हैं तब मुझे और मेरे मां बाप को गोली मार दो। हम पिछले पांच घंटे से थाने पर बैठे हैं लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं किया जा रहा है। कदमकुआं थाने की पुलिस मेरे साथ ऐसा क्यों कर रही हैं, मुझे नहीं मालूम। उन्होंने कहा कि जब तक केस दर्ज नहीं होगा तब तक हम थाने में धरना पर बैठेंगे।





