Ara Bairiya Four Lane: बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली आरा-बैरिया फोरलेन ग्रीनफील्ड हाइवे परियोजना को लेकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. प्रस्तावित हाइवे के लिए आरा सदर और बड़हरा अंचल के 20 गांवों में करीब 96 हेक्टेयर जमीन अधिगृहित की जाएगी. भू-अर्जन कार्यालय और संबंधित विभाग ने जमीन के खेसरा, रकबा और राजस्व अभिलेखों की जांच शुरू कर दी है.
अधिकारियों के अनुसार, जमीन के रिकॉर्ड की जांच के बाद संबंधित भूखंडों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा. इसके बाद इसी माह के अंत या अगले माह तक अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का गजट प्रकाशित कराया जा सकता है. गजट प्रकाशन के बाद किसानों से जरूरी कागजात लेने, दावा-आपत्ति के निष्पादन और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया शुरू होगी.
आरा सदर में 51 और बड़हरा में 45 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण
परियोजना के लिए आरा सदर अंचल में करीब 51 हेक्टेयर और बड़हरा अंचल में लगभग 45 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है. ग्रीनफील्ड हाइवे आरा प्रखंड के 14 और बड़हरा प्रखंड के छह गांवों से होकर गुजरेगा.
फिलहाल भू-अर्जन कार्यालय संबंधित गांवों के खेसरा, रकबा और राजस्व अभिलेखों का मिलान कर रहा है. इसके बाद राजस्व कर्मियों और अधिकारियों की टीम जमीन पर पहुंचकर प्रत्येक भूखंड का भौतिक सत्यापन करेगी. इससे अधिग्रहण के दौरान जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी या विवाद की संभावना को कम किया जा सकेगा.
27 KM से ज्यादा लंबा होगा ग्रीनफील्ड फोरलेन
प्रस्तावित आरा-बैरिया ग्रीनफील्ड फोरलेन की लंबाई करीब 27.062 किलोमीटर होगी. यह सड़क बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन को आसान बनाने के साथ क्षेत्र में सड़क संपर्क को भी बेहतर करेगी.
परियोजना में महुली गंगा घाट के पास 3.6 किलोमीटर लंबा गंगा पुल बनाया जाएगा. इसके अलावा फोरलेन पर आठ छोटे पुल और करीब दो दर्जन अंडरपास भी प्रस्तावित हैं. अंडरपास और अन्य सड़क संरचनाओं के निर्माण से स्थानीय लोगों के आवागमन और ग्रामीण रास्तों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी.
20 गांवों से होकर गुजरेगी सड़क
आरा-बैरिया फोरलेन के लिए बड़हरा अंचल के नूरपुर नौवरार, नूरपुर, कुदरिया, जोकहरी, पकड़ी और गलचौर गांव की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.
वहीं आरा सदर अंचल के सारसिवान, बसंतपुर, बेला, महुली, मथुरापुर, बहिरा चक, भेल डुमरा, पिरौटा, मखदुमपुर, जादोपुर, गरैया, शोभी डुमरा, हबिब अलीपुर और सिंगही गांव परियोजना में शामिल हैं.
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ होगा. फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर जमीन के रिकॉर्ड की जांच और भौतिक सत्यापन की तैयारी चल रही है.





