RAXAUL: बिहार के सीमावर्ती इलाके रक्सौल में पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन जब्त किए हैं। नेपाल भेजी जाने वाली इस खेप को कार की डिक्की में छिपाकर रखा गया था, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया।
पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल में पुलिस ने नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए हैं। रक्सौल पुलिस ने महदेवा गांव के सैनिक रोड से दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो इस खेप को नेपाल भेजने की तैयारी में थे। सहायक पुलिस अधीक्षक सह प्रभारी थानाध्यक्ष हेमंत कुमार सिंह ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि महदेवा बॉर्डर के रास्ते नेपाल में नशीली दवाओं की बड़ी खेप भेजी जाने वाली है।
सूचना के आधार पर बुधवार रात इलाके में नाकेबंदी कर सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान बॉर्डर की ओर जा रही आंध्र प्रदेश नंबर (एपी-28डीडी-9386) की एक कार को रोका गया। तलाशी लेने पर कार की डिक्की से काले प्लास्टिक में छिपाकर रखे गए 12 हजार पीस प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए। इनमें नरफीन, डाइजेपाम और फेनआरगन जैसी दवाएं शामिल हैं, जिनका दुरुपयोग नशे के लिए किया जाता है। कार में सवार नेपाल के बारा जिला के कलैया निवासी वकील महतो और पर्सा जिला के श्रीपुर निवासी पुरण ठाकुर को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
दंडाधिकारी सह राजस्व अधिकारी अरविंद कुमार की मौजूदगी में घटनास्थल पर ही जब्ती सूची तैयार की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ रक्सौल थाना में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनीष आनंद भी उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सीमा क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए निगरानी और सख्ती बढ़ा दी गई है।






