ब्रेकिंग
हम नहीं सुधरेंगे की तर्ज पर काम कर रहे घूसखोर: पटना में अपर थानाध्यक्ष 7000 रुपये घूस लेते गिरफ्तार‘बड़े घरों की महिलाएं शराब पी रहीं…’ यह बयान देकर फिर विवादों में आ गए बागेश्वर धाम वाले बाबा पटना समेत 6 जिलों में मॉकड्रिल: सायरन बजते ही होगा ब्लैकआउट, प्रशासन अलर्टBihar Ips Officer: बिहार कैडर के 10 IPS अफसर जा रहे ट्रेनिंग में, लिस्ट देखें....कटिहार अस्पताल में ANM की दबंगई, पैसे मांगते वीडियो बनाने पर युवक को पीटने के लिए चप्पल लेकर दौड़ीहम नहीं सुधरेंगे की तर्ज पर काम कर रहे घूसखोर: पटना में अपर थानाध्यक्ष 7000 रुपये घूस लेते गिरफ्तार‘बड़े घरों की महिलाएं शराब पी रहीं…’ यह बयान देकर फिर विवादों में आ गए बागेश्वर धाम वाले बाबा पटना समेत 6 जिलों में मॉकड्रिल: सायरन बजते ही होगा ब्लैकआउट, प्रशासन अलर्टBihar Ips Officer: बिहार कैडर के 10 IPS अफसर जा रहे ट्रेनिंग में, लिस्ट देखें....कटिहार अस्पताल में ANM की दबंगई, पैसे मांगते वीडियो बनाने पर युवक को पीटने के लिए चप्पल लेकर दौड़ी

सीमांचल में नेपाली बहुओं को मिलेगी भारतीय नागरिकता, पूर्णिया प्रशासन चला रहा विशेष अभियान

बिहार के सीमांचल में भारतीयों से विवाहित नेपाली महिलाओं को नागरिकता दिलाने के लिए अभियान शुरू हुआ है। 7 साल से अधिक समय से भारत में रह रहीं महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

बिहार न्यूज
अब नेपाली बहुएं भी बन जाएंगी बिहारी!
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PURNEA: बिहार के सीमांचल इलाके में भारत-नेपाल के पारंपरिक ‘बेटी-रोटी’ संबंधों को अब कानूनी पहचान देने की पहल तेज हो गई है। पूर्णिया प्रशासन ने भारतीय नागरिकों से विवाह कर भारत में रह रही नेपाली महिलाओं को नागरिकता दिलाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।


PURNEA:बिहार के सीमांचल क्षेत्र में वर्षों पुराने ‘बेटी-रोटी’ के रिश्ते को अब कानूनी पहचान देने की दिशा में अहम पहल शुरू हुई है। पूर्णिया जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिकों से विवाह कर लंबे समय से भारत में रह रही नेपाली महिलाओं को भारतीय नागरिकता दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया है। 


इस अभियान के तहत प्रखंड स्तर पर कैंप लगाकर महिलाओं को आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दी जा रही है। पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सुपौल, सहरसा और मधेपुरा जैसे सीमावर्ती जिलों में बड़ी संख्या में ऐसी नेपाली महिलाएं रह रही हैं, जिनकी शादी भारतीय युवकों से हुई है।


 कई महिलाएं वर्षों से भारत में रहने के बावजूद नागरिकता के अभाव में सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित रही हैं। अब केंद्र सरकार के प्रावधानों के तहत उन्हें भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का अवसर दिया जा रहा है।



पूर्णिया के डीएम अंशुल कुमार ने बताया कि जिन नेपाली महिलाओं की शादी भारतीय नागरिक से हुए सात वर्ष या उससे अधिक समय हो चुका है, वे नागरिकता के लिए आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए गृह मंत्रालय के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा और 1000 रुपये शुल्क जमा करना होगा। आवेदन के साथ विवाह प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, पासपोर्ट और पति की नागरिकता से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होंगे।



इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रशासन ने एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया है, जिसमें पुलिस, निर्वाचन विभाग और प्रखंड स्तर के अधिकारी शामिल हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों के सीएससी केंद्रों पर भी आवेदन कराने वालों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि, इस पहल के साथ ही नेपाल के सख्त नागरिकता नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


 स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां भारत नेपाली महिलाओं को नागरिकता देने की प्रक्रिया को सरल बना रहा है, वहीं नेपाल में भारतीय पुरुषों के लिए नागरिकता और संपत्ति अधिकार प्राप्त करना काफी कठिन है। नेपाल में यदि कोई भारतीय महिला नेपाली पुरुष से विवाह करती है, तो उसे अपेक्षाकृत आसानी से नागरिकता मिल जाती है। 


लेकिन यदि कोई भारतीय पुरुष नेपाली महिला से विवाह कर नेपाल में बसता है, तो उसे नागरिकता नहीं मिलती और वह अपने नाम पर संपत्ति भी नहीं खरीद सकता। ऐसे मामलों में संपत्ति पत्नी के नाम पर ही लेनी होती है, जबकि बच्चों को नागरिकता मिल जाती है।



इसी बीच नेपाल में लागू नई नीतियों, रोड टैक्स और लेन-देन संबंधी नियमों ने भी सीमावर्ती इलाकों में चिंता बढ़ाई है। अब बिना भंसार और रोड टैक्स दिए भारतीय वाहन नेपाल में प्रवेश नहीं कर सकते। इससे छोटे व्यापारियों और आम लोगों पर असर पड़ रहा है। फिलहाल, सीमांचल के लोगों को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सामाजिक और पारिवारिक संबंध भविष्य में भी मजबूत बने रहेंगे।


टैग्स

संबंधित खबरें