1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 05, 2025, 10:09:15 PM
ड्यूटी के दौरान लापरवाही - फ़ोटो reporter
MOTIHARI: मोतिहारी में एक दरोगा को मोबाइल चलाना बड़ा महंगा पड़ गया। मोबाइल चलाने के चक्कर में दारोगा की नौकरी चली गई है। मामला मोतिहारी के बापू सभागार का है जहां बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का जिला कार्यकर्ता सम्मेलन कार्यक्रम था और वीआईपी कार्यक्रम होने की वजह से नगर थाने की दारोगा श्वेता कुमारी को मुख्य गेट पर लगाया गया था। लगातार पुलिस की चौकसी थी।
वहीं अधिकारियों ने पहले ही निर्देश दे दिया था कि वीआईपी गेट पर सही तरीके से पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी बजाएंगे वहीं पुलिस मुख्यालय की तरफ से भी यह आदेश आया था कि कोई भी पुलिसकर्मी ड्यूटी के वक्त मोबाइल नहीं चलाएंगे लेकिन नगर थाने की दारोगा श्वेता कुमारी पुलिस मुख्यालय के आदेश को नहीं मानी और ड्यूटी के दौरान मोबाइल चलाने लगी। नगर थानाध्यक्ष जब वीआईपी गेट पर पहुंचे तो श्वेता कुमारी मोबाइल चलाने में व्यस्त थी।
नगर थानाध्यक्ष ने कई बार श्वेता कुमारी को ठीक से ड्यूटी करने की हिदायत दी लेकिन श्वेता कुमारी उनकी बात नहीं मानी। जिसके बाद नगर थानाध्यक्ष ने एसपी से उक्त दारोगा के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुशंसा कर दी। जिसके बाद श्वेता कुमारी को निलंबित करने का आदेश दिया गया। पुलिस मुख्यालय लगातार पुलिसकर्मियों को यह निर्देश दे रहा है कि ड्यूटी के वक्त कोई भी पुलिसकर्मी स्मार्ट मोबाइल का प्रयोग नहीं करें।
अगर जरूरत हो तो छोटे कीपैड वाले मोबाइल का प्रयोग बात करने के लिए कर सकते हैं लेकिन कार्यक्रम के दौरान जिस तरह श्वेता कुमार की लापरवाही सामने आई है और पुलिस मुख्यालय ने मोतिहारी में सबसे पहले पुलिस मुख्यालय के आदेश के बाद मोतिहारी में सबसे पहली कार्रवाई श्वेता कुमारी के रूप में हुई है जो ड्यूटी के वक्त मोबाइल पर मसगूल थी।अमूमन अन्य पुलिसकर्मी भी ड्यूटी के दौरान रिल्स देखना पसंद करते हैं यह उनकी आदतों में शुमार हो गया है। लेकिन पुलिस मुख्यालय इससे काफी नाराज भी दिख रहा है पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि पुलिसकर्मी पूरी ईमानदारी के साथ ड्यूटी करें। ड्यूटी के वक्त कोई भी मनोरंजन का साधन नहीं रखें। लेकिन पुलिस मुख्यालय का आदेश कुछ पुलिस कर्मी नहीं मानते हैं और जिसकी सजा उन्हें ही भुगतनी पड़ती है।