1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 16, 2025, 3:00:54 PM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो SOCIAL MEDIA
Action against Police Inspector : बिहार के मोतिहारी से एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। यहां एक मामले में एसपी ने बड़ा एक्शन लेते हुए एक दारोगा को सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद अब इसको लेकर हड़कंप का माहौल कायम हो गया है। पुलिस महकमे में हर तरफ किस खबर को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
दरअसल, मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने एक बड़ा एक्शन लिया है। इन्होंने एक दारोगा को सस्पेंड कर दिया है। इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि यह दारोगा वादी होने के बाबजूद कोर्ट में अभियुक्त को पहचानने से इंकार कर दिया। यह मामला NDPS केस से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इसके बाद अब इस मामले में एक्शन लिया गया है। इसके बाद अब बंजरिया थाना के थानेदार इंद्रजीत पासवान को निलंबित किया गया है।
बताया जा रहा है कि रामगढ़वा थाना के NDPS कांड 277/23 से संबंधित है। इसी मामले में दारोगा वादी होने के बाबजूद कोर्ट में अभियुक्त को पहचानने से इंकार कर दिया। उसके बाद इलाके में हड़कंप का माहौल कायम हो गया। एसपी की इस कार्रवाई से वादी के साथ होस्टाइल होने वाले पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब हो कि एसपी स्वर्ण प्रभात द्वारा की गई यह अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई है। एसपी ने जानकारी दी कि बंजरिया थाना अध्यक्ष पहले रामगढ़वा थाना कांड संख्या 227/23 के वादी थे। वादी होने के बावजूद, मात्र डेढ़ वर्ष के भीतर न्यायालय में ट्रायल के दौरान उन्होंने अभ्युक्त को पहचानने से मना कर दिया।
इधर, न्यायालय के सरकारी वकील की रिपोर्ट के आधार पर DSP हेडक्वार्टर से जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताओं के चलते कार्रवाई की गई है। एसपी की इस कार्रवाई के बाद मामले में मोटी रकम लेकर होस्टाइल करने वाले पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।