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मनरेगा में बड़ा खेल! बिना सड़क के चंवर में बना दी गईं चार पुलिया, लाखों रुपये के बंदरबांट का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से ऐसी जगह पर लाखों रुपये खर्च कर पुलिया का निर्माण करा दिया गया, जहां न सड़क है और न ही आम लोगों की आवाजाही।

बिहार न्यूज
मनरेगा योजना पर उठे सवाल
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MOTIHARI: पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया प्रखंड में मनरेगा योजना के तहत कराए गए कार्यों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है। दावा किया जा रहा है कि जिस स्थान पर सड़क तक मौजूद नहीं है, वहां नदी की पेटी और चंवर क्षेत्र में चार पुलियों का निर्माण करा दिया गया।


स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिया निर्माण की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन स्थानों पर पुलियों का निर्माण हुआ है, वहां आम लोगों की आवाजाही बेहद कम या लगभग नहीं के बराबर है। ऐसे में इन निर्माण कार्यों की उपयोगिता पर सवाल उठ रहे हैं।


ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा योजना के तहत लाखों रुपये खर्च कर ऐसे कार्य कराए गए हैं, जिनसे आम जनता को कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।


बताया जा रहा है कि मनरेगा अधिकारियों के अनुसार एक पुलिया के निर्माण पर करीब साढ़े चार लाख रुपये की लागत आई है। इस हिसाब से चार पुलियों के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। अब ग्रामीण यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बिना सड़क वाले इलाके में पुलिया निर्माण की आवश्यकता क्यों पड़ी। हालांकि इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थल निरीक्षण कर मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि आरोपों की सच्चाई क्या है और सरकारी धन के उपयोग को लेकर क्या कार्रवाई की जाती है।

मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट

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