1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 23, 2025, 9:58:58 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Meta
Bihar News: बिहार के छपरा में एक हैरतअंगेज घटना ने सबको चौंका दिया है। रिविलगंज प्रखंड के मोहब्बत परसा पंचायत के भादपा नई बस्ती गांव में रामस्वरूप राय की 45 वर्षीय पत्नी रामा देवी को मृत मानकर परिजनों ने अंतिम संस्कार और श्राद्ध कर्म कर दिया था। मगर 22 जून को अचानक जिंदा घर लौट आईं। इस घटना ने गांव में सनसनी फैला दी है।
परिजनों और ग्रामीणों में रामा देवी को देख ख़ुशी की लहर दौड़ गई। जिस घर में कई दिनों से मातम का माहौल था वहां अचानक हर्ष और उल्लास छा गया। यह घटना अब पूरे छपरा जिले में चर्चा का विषय बन गई है। रामा देवी 17 मई को अचानक अपने घर से लापता हो गई थीं। परिजनों ने उनकी तलाश में हर संभव कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
26 मई को सरयू नदी के किनारे थाना घाट के पास एक महिला का शव मिला, जिसका हुलिया रामा देवी से मिलता-जुलता था। शव सड़ा-गला होने के कारण पहचान पक्की करना मुश्किल था, फिर भी परिजनों ने उसे रामा देवी ही मान लिया। रिविलगंज थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया।
परिवार ने पूरे रीति-रिवाज के साथ दाह-संस्कार किया और 11 जून को श्राद्ध कर्म भी पूरा कर लिया था। 22 जून की सुबह रामा देवी अचानक अपने घर पहुंचीं, तो परिजनों के होश उड़ गए। स्थानीय लोगों और परिजनों ने बताया कि रामा देवी आंशिक रूप से मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। वह बिना किसी को बताए अपने मायके कोलकाता चली गई थीं और करीब एक महीने बाद वापस लौट आईं।
उनके जीवित लौटने की खबर सुनकर गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई। सभी यह जानने को उत्सुक थे कि आखिर यह चमत्कार कैसे हुआ। सौभाग्य से मृत्यु प्रमाण पत्र अभी जारी नहीं हुआ था, वरना कानूनी पेचीदगियां बढ़ सकती थीं। इस घटना ने प्रशासन के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि नदी में मिला शव आखिर किसका था।
स्थानीय वार्ड सदस्य सुनील कुमार ने बताया कि रामा देवी का परिवार गरीब है और श्राद्ध कर्म में मुखिया प्रतिनिधि बुलबुल बाबा सहित आसपास के लोगों ने आर्थिक मदद की थी। अब पुलिस और प्रशासन से अपील की गई है कि अज्ञात शव की सही पहचान की जाए, ताकि उसके परिजनों को न्याय मिल सके।