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अस्पताल में फिर दिखी लापरवाही… निरीक्षण में डॉक्टर गायब, भड़के विधायक बोले– अब होगी सख्त कार्रवाई

Bihar News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डॉक्टरों की लापरवाही और मरीजों की अनियमितताओं को लेकर विधायक राणा रणधीर ने गंभीर चिंता व्यक्त की। औचक निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियों का खुलासा हुआ, जिससे...

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 01, 2026, 1:25:57 PM

अस्पताल में फिर दिखी लापरवाही… निरीक्षण में डॉक्टर गायब, भड़के विधायक बोले– अब होगी सख्त कार्रवाई

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Bihar News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में डॉक्टरों की लापरवाही को लेकर स्थानीय विधायक राणा रणधीर का गुस्सा फूट पड़ा। औचक निरीक्षण के दौरान जो हालात सामने आए, उन्होंने पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान लगा दिया।


जानकारी के अनुसार, सोमवार को विधायक राणा रणधीर अचानक सीएचसी पहुंचे, ताकि अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया जा सके। लेकिन यहां पहुंचते ही उन्हें वही पुरानी स्थिति देखने को मिली, जो पहले भी कई बार सामने आ चुकी है।


निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी बात यह रही कि प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ इंद्रजीत कुमार अस्पताल में मौजूद नहीं थे। यह कोई पहली बार नहीं था, बल्कि पहले भी निरीक्षण के दौरान उनकी अनुपस्थिति की शिकायत सामने आ चुकी है। इस बार भी उन्हें गायब पाकर विधायक का गुस्सा बढ़ गया।


विधायक ने तुरंत फोन के जरिए मोतिहारी के सिविल सर्जन से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


निरीक्षण के दौरान विधायक ने डॉ इंद्रजीत कुमार के साथ-साथ डॉ अविनाश कुमार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में मरीजों का इलाज सही तरीके से नहीं हो रहा है और कई मामलों में अनियमितताएं सामने आ रही हैं।


विधायक ने बताया कि अस्पताल में आए मरीजों का इलाज आयुष डॉक्टरों के भरोसे चल रहा है, जबकि नियमित डॉक्टर अनुपस्थित रहते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने एक चौंकाने वाला उदाहरण भी दिया—एक 60 वर्षीय मरीज की उम्र रिकॉर्ड में 90 वर्ष दर्ज कर दी गई थी। इस तरह की गलतियां अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।


राणा रणधीर ने यह भी कहा कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि अस्पताल में इंज्यूरी रिपोर्ट बनाने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। मरीजों और उनके परिजनों से पैसे लिए जा रहे हैं, जो बेहद गंभीर मामला है।


उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले भी उन्होंने इस अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। उस समय भी हालात कुछ ऐसे ही थे, लेकिन इतने समय बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ है। इससे साफ है कि जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे हैं।


विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार वे पूरे मामले की शिकायत सिर्फ सिविल सर्जन तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि अन्य विभागीय अधिकारियों को भी इसकी जानकारी देंगे। साथ ही, अवैध वसूली और मरीजों के शोषण के मामले को लेकर वे खुद आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) में शिकायत दर्ज कराएंगे।


निरीक्षण के दौरान मौके पर डॉ संतोष कुमार रंजन, रवि कुमार पासवान, हेल्थ मैनेजर और अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे। हालांकि, विधायक के इस दौरे के बाद अस्पताल प्रशासन में हलचल जरूर देखी गई।