Purnia road accident : बिहार में दर्दनाक सड़क हादसा, शादी से पहले पिता-पुत्र समेत तीन की मौत; गांव में पसरा मातम

पूर्णिया के धमदाहा में दर्दनाक सड़क हादसे में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत हो गई। शादी से पहले घर की खुशियां मातम में बदल गईं। ब्लाइंड स्पॉट को हादसे की बड़ी वजह बताया जा रहा है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 15 Feb 2026 10:56:45 AM IST

Purnia road accident : बिहार में दर्दनाक सड़क हादसा, शादी से पहले पिता-पुत्र समेत तीन की मौत; गांव में पसरा मातम

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Purnia road accident : पूर्णिया जिले के धमदाहा प्रखंड के कुंवारी पंचायत स्थित कुआंड़ी गोला टोल वार्ड संख्या 13 में ऐसा मातम पसरा है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिस घर में एक सप्ताह बाद बेटी की शादी की शहनाई गूंजने वाली थी, वहां अब एक साथ तीन अर्थियां उठने से गांव का माहौल गमगीन हो गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार ने फिलहाल शादी टाल दी है।


तिलक समारोह से लौटते समय हुआ हादसा

परिजनों के अनुसार मृतक जागो ऋषि की बेटी अनिता कुमारी की शादी आगामी 24 फरवरी को तय थी। शादी की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं और परिवार के सदस्य तिलक समारोह में शामिल होने चंपानगर के पटना रहिका टोला गए थे। तिलक की रस्म पूरी कर सभी लोग टोटो से घर लौट रहे थे। इसी दौरान शुक्रवार देर रात सरसी थाना क्षेत्र के फारबिसगंज-कुर्सेला स्टेट हाईवे-77 पर रघुनाथपुर गांव के पास तेज रफ्तार ट्रक ने टोटो को जोरदार टक्कर मार दी।


इस भीषण टक्कर में जागो ऋषि (45 वर्ष), उनके पुत्र किशन कुमार (18 वर्ष) और उनकी रिश्तेदार कंचन देवी (40 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।


स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि फारबिसगंज-कुर्सेला स्टेट हाईवे पर कई जगहों पर घुमावदार सड़क और ब्लाइंड स्पॉट बने हुए हैं। जिस स्थान पर यह दुर्घटना हुई, वहां सड़क अचानक मुड़ जाती है, जिससे वाहन चालकों को सामने से आ रही गाड़ियों का अंदाजा नहीं हो पाता है। रात के समय वहां लाइटिंग और चेतावनी संकेत नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है।


ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थान पर पहले भी कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद पथ निर्माण विभाग द्वारा ब्लाइंड स्पॉट चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। लोगों ने विभागीय लापरवाही को इस हादसे का प्रमुख कारण बताया है।


अंतिम संस्कार के दौरान भावुक कर देने वाला दृश्य

शनिवार शाम तीनों मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान दृश्य बेहद मार्मिक हो गया जब जागो ऋषि को उनके छह वर्षीय पुत्र दिलचंद ऋषि ने मुखाग्नि दी। वहीं किशन कुमार को उसकी छोटी बहन कृता कुमारी ने मुखाग्नि दी, जबकि कंचन देवी को उनके पुत्र ने अंतिम विदाई दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों के अनुसार जागो ऋषि खेती और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले ही कमजोर थी और अब इस हादसे ने परिवार को पूरी तरह तोड़ कर रख दिया है।


घायल मां का चल रहा इलाज

हादसे में अनिता की मां कला देवी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। पहले उनका इलाज पूर्णिया में कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर स्थित मायागंज अस्पताल रेफर किया गया है। परिजन उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार में अब सबसे जिम्मेदार सदस्य खुद दुल्हन बनने वाली अनिता ही बची है। पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।


प्रशासन से उठी सुरक्षा व्यवस्था की मांग

इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से फारबिसगंज-कुर्सेला स्टेट हाईवे पर ब्लाइंड स्पॉट चिन्हित कर वहां स्ट्रीट लाइट, चेतावनी संकेत और स्पीड कंट्रोल व्यवस्था लागू करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो शायद इतनी बड़ी त्रासदी टल सकती थी। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और विभागीय लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं परिवार और गांव में खुशी का माहौल पलभर में मातम में बदल जाने से हर कोई स्तब्ध है।