PATNA: बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (यथा संशोधित) अधिनियम, 2011 के तहत राज्य की रैयती एवं अन्य प्रकार की भूमि का नया अधिकार अभिलेख (खतियान) और भू-मानचित्र (नक्शा) तैयार किया जा रहा है। इस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (यथा संशोधित) नियमावली, 2012 लागू है।
पटना के मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में चल रही कैबिनेट की बैठक खत्म हो गयी है। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिये गये हैं। सम्राट कैबिनेट की बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गयी है। मंत्रीपरिषद की बैठक में बिहार दोनों डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और विजेन्द्र यादव सहित तमाम मंत्री मौजूद थे। जिसमें विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2026 को स्वीकृति देने का प्रस्ताव तैयार किया गया।
भूमि एवं भू-खंडों के सर्वेक्षण और बंदोबस्ती कार्य के दौरान यह महसूस किया गया कि सर्वेक्षण प्रक्रिया में शत-प्रतिशत शुद्धता, पारदर्शिता और गतिशीलता सुनिश्चित करने के लिए नियमावली, 2012 के कुछ प्रावधानों में संशोधन, अंतःस्थापन और निरसन आवश्यक है। इसके साथ ही कुछ नए शब्दों को परिभाषित करने की भी आवश्यकता महसूस की गई है,
ताकि भू-सर्वेक्षण से जुड़े कार्यों में सुविधा और तेजी लाई जा सके। खासकर शहरी क्षेत्रों में विशेष भू-सर्वेक्षण कार्य को अधिक प्रभावी और सरल बनाने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) नियमावली, 2026 को स्वीकृति देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।





