Bihar News: परिवहन निगम की बसों में यात्रा करते समय कैश की झंझट हमेशा के लिए ख़त्म, यात्रियों में ख़ुशी की लहर..

Bihar News: बिहार परिवहन निगम की बसों में कैशलेस यात्रा शुरू, भागलपुर-पूर्णिया रूट पर ई-टिकटिंग से डिजिटल पेमेंट की सुविधा। कंडक्टरों का मनमाना भाड़ा खत्म, यात्रियों ने सराहा..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 12 Sep 2025 02:26:08 PM IST

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प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने अपनी बस सेवाओं में कैशलेस यात्रा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठा लिया है। भागलपुर परिवहन निगम ने गुरुवार से पूर्णिया रूट पर चलने वाली दो बसों में ई-टिकटिंग मशीन की शुरुआत की है। यह निगम के इतिहास में पहली बार हो रहा है जब यात्रियों को डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, फोनपे या गूगल पे जैसे डिजिटल माध्यमों से भुगतान करने का विकल्प मिलेगा। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अमित कुमार श्यामला ने बताया कि इस नई व्यवस्था से कंडक्टरों द्वारा मनमाने भाड़े वसूलने की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी और यात्रियों को पारदर्शी सेवा मिलेगी।


यह पहल धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क में फैलाई जाएगी, लेकिन शुरुआत भागलपुर-पूर्णिया रूट से ही हो रही है, जहां रोजाना सैकड़ों यात्री सफर करते हैं। ई-टिकटिंग मशीनों को अपग्रेड करने का काम रफ़्तार से चल रहा है, जिसमें रूट, भाड़ा और अन्य जरूरी जानकारियां अपलोड की जा रही हैं। कंडक्टरों को इस नई तकनीक की ट्रेनिंग भी दी जा रही है ताकि कोई असुविधा न हो।


इस निर्णय के बाद यात्रियों की प्रतिक्रिया भी काफी सकारात्मक रही है। कई यात्रियों पूर्णिया जाने के क्रम में पहली बार फोन से पेमेंट करके टिकट लिया और इसे पहले की तुलना में आसान और तेज बताया। वहीं, गेड़ाबाड़ी जाने वाले यात्रियों ने कहा कि पहले हाथ से टिकट काटने में देरी होती थी, लेकिन अब मशीन से मिलने वाला टिकट एक नया और रोमांचक अनुभव है। यह सुविधा खासकर उन युवाओं और डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो कई बार पास में कैश रखना भूल जाते हैं।


इस बीच, BSRTC को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए 23 बसों को मुख्यालय से पूर्णिया भेजने का निर्देश मिला है, जिसकी तैयारी भी जोरों पर है। यह नई ई-टिकटिंग व्यवस्था BSRTC की अन्य पहलों जैसे पिंक बस सेवा के साथ मिलकर बिहार के परिवहन को और मजबूत करेगी। भागलपुर और पूर्णिया जैसे जिलों में रोजाना हजारों लोग यात्रा के लिए बसों पर निर्भर हैं, ऐसे में यह सुविधा उनके लिए बहुत बड़ी राहत है। उम्मीद है कि जल्द ही यह सुविधा सभी रूटों पर उपलब्ध हो जाएगी।