1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 06, 2025, 1:02:58 PM
Sanjeev Hans - फ़ोटो google
Sanjeev Hans: बिहार के चर्चित आईएएस अधिकारी संजीव हंस को निलंबित कर दिया गया है। केंद्रीय कार्मिक विभाग ने इसको लेकर अनुमति दे दी है। करीब 6 महीने पहले नीतीश कुमार की सरकार ने संजीव हंस को पद से मुक्त कर दिया था। इसके बाद संजीव हंस फिलहाल जेल में बंद हैं। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आय से अधिक संपत्ति और पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार के जरिए अकूत संपत्ति बनाने का आरोप है। ईडी फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
जानकारी हो कि ईडी ने पिछले महीने ही आईएएस संजीव हंस से जुड़े मामले में दो हजार पेज की सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट में दायर की थी। इसमें राजद के पूर्व विधायक गुलाब यादव समेत अन्य कई लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इस चार्जशीट में बताया गया है कि साल 2018 से लेकर 2023 तक बिहार और केंद्र में विभिन्न पदों पर रहते हुए संजीव हंस ने भ्रष्ट आचरण से जमकर काली कमाई की।
मालूम हो कि संजीव हंस और उनके करीबियों से जुड़े ठिकानों पर जांच एजेंसी पटना, दिल्ली समेत अन्य शहरों में छापेमारी कर चुकी है। इसके अलावा उनकी पत्नी सेभी पूछताछ की गई. संजीव हंस और गुलाब यादव को ईडी ने 18 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था, तब से दोनों जेल में बंद हैं। इसके बाद अब कार्मिक विभाग ने इन्हें निलंबित करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
गौरतलब हो कि, भ्रष्टाचार के मामले में घिरे आईएएस संजीव हंस को 6 महीने पहले पद से मुक्त कर दिया था. उस समय वे ऊर्जा विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के एमडी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। सरकार ने उन्हें सभी पदों से हटा दिया था। अब उनके निलंबन की कार्रवाई की गई है।