पटना जंक्शन पर 350 बोतल प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, दो नाबालिग पकड़े गए सिवान में बड़ा हादसा: पथ निर्माण विभाग की गाड़ी ने 10 लोगों को रौंदा, हालत गंभीर Prashant Kishore के आलीशान वैनिटी वैन में फर्जीवाड़ा का अंबार: प्रशासनिक जांच में सामने आई हैरान कर देने वाली जानकारियां मुजफ्फरपुर में चाची बनीं हत्यारिन, देवर से प्रेम-प्रसंग में की थी 10 साल के भतीजे की हत्या गार्ड की तत्परता से ज्वेलरी शॉप में लूट की कोशिश नाकाम, हथियार के साथ एक बदमाश गिरफ्तार, 5 मौके से फरार HMPV वायरस को लेकर बिहार सरकार ने जारी की एडवाइजरी, बचाव और प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट: मंगल पांडेय जमुई में बीवी ने करवाई थी पति की हत्या, पत्नी सहित दो अपराधी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद गया में बड़ा हादसा टला: भीषण टक्कर के बाद बीच सड़क पर धू-धूकर जली बाइक और एम्बुलेंस, मची अफरा-तफरी 53वीं सीनियर महिला राष्ट्रीय हैंडबॉल चैंपियनशिप के तीसरे दिन बिहार की टीम का शानदार प्रदर्शन, क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं 8 टीमें अजब प्रेम की गजब कहानी: छह बच्चों की मां भिखारी के साथ फरार, पति ने दर्ज कराई रिपोर्ट
06-Jan-2025 01:02 PM
Reported By:
Sanjeev Hans: बिहार के चर्चित आईएएस अधिकारी संजीव हंस को निलंबित कर दिया गया है। केंद्रीय कार्मिक विभाग ने इसको लेकर अनुमति दे दी है। करीब 6 महीने पहले नीतीश कुमार की सरकार ने संजीव हंस को पद से मुक्त कर दिया था। इसके बाद संजीव हंस फिलहाल जेल में बंद हैं। उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आय से अधिक संपत्ति और पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार के जरिए अकूत संपत्ति बनाने का आरोप है। ईडी फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
जानकारी हो कि ईडी ने पिछले महीने ही आईएएस संजीव हंस से जुड़े मामले में दो हजार पेज की सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट में दायर की थी। इसमें राजद के पूर्व विधायक गुलाब यादव समेत अन्य कई लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इस चार्जशीट में बताया गया है कि साल 2018 से लेकर 2023 तक बिहार और केंद्र में विभिन्न पदों पर रहते हुए संजीव हंस ने भ्रष्ट आचरण से जमकर काली कमाई की।
मालूम हो कि संजीव हंस और उनके करीबियों से जुड़े ठिकानों पर जांच एजेंसी पटना, दिल्ली समेत अन्य शहरों में छापेमारी कर चुकी है। इसके अलावा उनकी पत्नी सेभी पूछताछ की गई. संजीव हंस और गुलाब यादव को ईडी ने 18 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था, तब से दोनों जेल में बंद हैं। इसके बाद अब कार्मिक विभाग ने इन्हें निलंबित करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
गौरतलब हो कि, भ्रष्टाचार के मामले में घिरे आईएएस संजीव हंस को 6 महीने पहले पद से मुक्त कर दिया था. उस समय वे ऊर्जा विभाग में प्रधान सचिव के पद पर तैनात थे और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के एमडी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। सरकार ने उन्हें सभी पदों से हटा दिया था। अब उनके निलंबन की कार्रवाई की गई है।