ब्रेकिंग
परिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकार

4 विधायकों के नेता मुकेश सहनी बन गए मंत्री, 10वें नंबर पर ली पद एवं गोपनीयता की शपथ

PATNA : सिमरी बख्तियारपुर सीट से विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद वीआईपी अध्यक्ष मुकेश साहनी नीतीश कैबिनेट में मंत्री बन गए हैं. उन्होंने दसवें नंबर पर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली

4 विधायकों के नेता मुकेश सहनी बन गए मंत्री, 10वें नंबर पर ली पद एवं गोपनीयता की शपथ
First Bihar
2 मिनट

PATNA : सिमरी बख्तियारपुर सीट से विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद वीआईपी अध्यक्ष मुकेश साहनी नीतीश कैबिनेट में मंत्री बन गए हैं. उन्होंने दसवें नंबर पर पद एवं गोपनीयता की शपथ ली है. मुकेश साहनी की वीआईपी पार्टी ने 11 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था और उनके चार विधायक के चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं.


मुकेश सहनी चुनाव हार चुके हैं लेकिन अब मंत्री पद की शपथ लेने के बाद वह विधान परिषद कोटा से सदस्य बनाए जाएंगे. मुकेश साहनी ने विधानसभा चुनाव के दौरान ही महागठबंधन से विद्रोह करते हुए एनडीए का रुख किया था. एनडीए में उनकी एंट्री बीजेपी के तरफ से हुई थी बीजेपी ने मुकेश साहनी को एनडीए में से 11 सीटें देकर एडजस्ट किया और अब उनकी किस्मत का ताला खुल चुका है.


मुकेश सहनी अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं लेकिन उन्हें मंत्री बनाया गया है. राज्यपाल कोटे से मनोनीत होने वाले सदस्यों में उन्हें जगह मिलना तय है. क्योंकि चुनाव के ठीक पहले जो समझौता हुआ था. उसके मुताबिक के वीआईपी को एक सीट विधान परिषद की भी दी जानी है.