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Bihar land reforms : सफेदपोश बनें भूमाफिया... एक -एक की होगी पहचान, विजय सिन्हा का एलान - अधिकारी भी हो जाए सावधान

बिहार सरकार भूमाफिया के सफेदपोश तक पहुंचने और 46 लाख भूमि विवादों के समाधान के लिए मार्च तक सभी आवेदन समय सीमा में निपटाने का लक्ष्य तय कर रही है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 10, 2025, 1:24:23 PM

Bihar land reforms : सफेदपोश बनें भूमाफिया... एक -एक की होगी पहचान, विजय सिन्हा का एलान - अधिकारी भी हो जाए सावधान

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Bihar land reforms : बिहार के उपमुख्यमंत्री सह भूमि एवं राजस्व विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि बिहार में बड़े पैमाने पर सफेदपोश लोग भूमाफिया बने हुए हैं। ऐसे में सभी लोगों की पहचान करके उनके ऊपर एक्शन लिया जाएगा। यह मेरी चेतावनी है कि ऐसे जो भी लोग हैं वह इस तरह का काम बंद कर दें वरना उनकी जगह सलाखों के पीछे होगी। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि यदि कोई भी गलत काम का समर्थन करने में लगे हुए तो उनपर एक्शन होगा। 


विजय सिन्हा ने कहा कि मुझे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और उनके नेतृत्व में बड़ी जिम्मेवारी मिली है। बिहार में काफी घनी आबादी आज के समय में भूमि सुधार को लेकर परेशान है। ऐसे में विभाग के तरफ से लगातार समीक्षा के बाद इस समस्या के समाधान को लेकर ठोस कदम उठाया जा रहा है। अभी तक कई जिलों में भूमि से जुड़ें मामले को लेकर 46 लाख आवेदन मिले है। अब इन समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जा रही है। भूमि विवाद का आवेदन देखना सरकार की जिम्मेदारी है। 


विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि दाखिल, खारिज और परिमार्जन में देरी के कारण लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। इसे देखते हुए पहली प्राथमिकता इन प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना होगी। इसके लिए सभी अधिकारियों और पदाधिकारियों की समय सीमा में काम की समीक्षा की जाएगी। साथ ही, अनावश्यक आवेदन को रिजेक्ट करने की मानसिकता को त्यागना होगा, और अगर कोई आवेदन अस्वीकार किया जाता है, तो उसका पूरा कारण स्पष्ट रूप से बताया जाएगा।


उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कभी-कभी फर्जी कागजात के माध्यम से अकारण परिवाद दर्ज किए जाते हैं। इसे रोकने के लिए ‘उड़ान दस्ता’ का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य किसी भी तरह की अनावश्यक देरी को रोकना और प्रक्रिया को तेज करना है। इस अभियान के तहत मार्च तक सभी विषय वस्तु को स्ट्रीमलाइन करने का लक्ष्य रखा गया है।


हर आवेदन का निष्पादन अब समय सीमा के अंदर किया जाएगा। इसके लिए सभी अंचलाधिकारियों की सूची उनके संपर्क नंबरों के साथ जनता के सामने उपलब्ध कराई जाएगी। इससे किसी भी पीड़ित व्यक्ति को सीधे अधिकारियों से संपर्क करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही, सभी अंचलों की निगरानी सीसीटीवी के माध्यम से की जाएगी, ताकि कोई भी कार्य लापरवाही का शिकार न बने। सरकार ने 12 दिसंबर से राज्य में भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम की भी घोषणा की है। इस कार्यक्रम में मंत्री और सभी पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे, और आवेदन लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा। फर्जीवाड़ा करने वालों को पकड़ने और सही आवेदनकर्ताओं को न्याय देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।


विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अब कोई बहाना स्वीकार नहीं होगा। भूमि सुधार विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है। मार्च तक लंबित सभी मामलों को निपटाने के लिए विशेष टीमों और तंत्र तैयार किए जा रहे हैं। अब अधिकारी और पदाधिकारी अपने कर्तव्यों का पालन समय सीमा में करेंगे। भूमि सुधार में हो रही देरी और जटिलताओं को देखते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी अंचलाधिकारियों की निगरानी सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साधनों से की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मामला लंबित न रहे और सभी आवेदकों को न्याय मिले।


उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में सफेदपोश के संरक्षण के कारण कई समस्याएं बढ़ी हैं। अब सरकार इस जड़ तक जाकर उन लोगों की पहचान करेगी जो भूमाफिया को संरक्षण देते हैं। जो सही हैं उन्हें न्याय मिलेगा, जबकि फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के तहत सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि आवेदन की जांच, खारिज, परिमार्जन और निष्पादन सभी समय सीमा के भीतर हों। जनता को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी और भूमि सुधार विभाग की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी।बिहार सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब भ्रष्टाचार, देरी और बहानेबाजी की कोई जगह नहीं होगी। मार्च तक सभी लंबित मामलों का समाधान और भूमि सुधार प्रक्रिया का स्ट्रीमलाइन होना राज्य की प्राथमिकता में शामिल है।