PATNA: राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सुप्रीमो एवं राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 22 अप्रैल को पूरे बिहार में निकाले जाने वाले धिक्कार मार्च की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल को विपक्ष ने पारित नहीं होन दिया है। विपक्ष की मंशा को हम सबके सामने लाएंगे। इसी उद्धेश्य को लेकर बुधवार 22 अप्रैल को हमारी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा पूरे बिहार में धिक्कार मार्च निकालेगी।
संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने पर विपक्षी पार्टियों को खरी खोटी सुनाई। कहा कि कांग्रेस और महाग़ठबंधन में शामिल दलों ने मिलकर जिस तरह से बिहार और देश की महिलाओं के साथ छल करने का काम किया है। इसका परिणाम उन्हें भुगतना पड़ेगा।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ये लोग नहीं चाहते कि देश की महिलाएं को प्रतिनिधित्व मिले। विपक्ष के इस मंसूबे के खिलाफ उनकी पार्टी 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में धिक्कार मार्च निकालेगी और कांग्रेस एवं आरजेडी जैसे पार्टियों के चरित्र का पर्दाफाश करेगी।
उन्होंने कहा कि परिसीमन को लेकर उनकी पार्टी पिछले कई सालों से संघर्ष कर रही है। अगर यह बिल पास हो जाता तो बिहार में 40 की जगह 60 लोकसभा क्षेत्र हो जाते, इसी प्रकार 243 विधानसभा सीट की जगह 365 विधानसभा क्षेत्र हो जाते। जिसमें महिलाओं को अधिक से अधिक भागीदारी मिलती। लेकिन विपक्षी पार्टियों बिहार जैसे राज्य की जनता खासकर महिलाओं के हित में काम नहीं कर रही है।
ऐसे में इन तमाम पार्टियों को अधिकार है, जो महिलाओं को अधिक से अधिक सदन में नहीं देखना चाहती है। उन लोगों के चरित्र का पर्दाफाश करने के लिए ही उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा 22 अप्रैल को बिहार के सभी जिला मुख्यालय में धिक्कार मार्च निकालेगी। उपेन्द्र कुशवाहा ने आगे कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिले।
हमारी पार्टी भी इस बात की पक्षधर है कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिले। उनकी पार्टी सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर कायम है। महिलाओं के साथ-साथ एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों को भी बराबरी का हक मिलना चाहिए।





