1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 02, 2026, 2:51:05 PM
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Bihar accident news : जमुई जिले के सोनो थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलम्बा पंचायत के छपरडीह गांव में बीती देर रात एक ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। गांव निवासी शमशेर अंसारी की पत्नी रुबेशां खातून (32) अपने तीन बच्चों के साथ गांव के पास स्थित एक कुएं में गिर गईं। इस दर्दनाक घटना में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि मां और एक बच्ची की जान ग्रामीणों की तत्परता से बचा ली गई।
घटना देर रात की बताई जा रही है, जब परिवार के लोग रोजमर्रा के कार्यों के बाद घर के आसपास थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, किसी कारणवश रुबेशां खातून अपने बच्चों के साथ कुएं के पास पहुंचीं और असंतुलन के चलते वे सभी कुएं में गिर गईं। कुएं में गिरते ही शोरगुल मच गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने आवाज सुनकर तुरंत मौके की ओर दौड़ लगाई और बचाव कार्य शुरू किया।
ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए रस्सियों और अन्य साधनों की मदद से कुएं में उतकर बचाव अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद महिला रुबेशां खातून और एक बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोनों की हालत गंभीर थी, लेकिन समय रहते उन्हें बचा लिया गया। हालांकि, इस हादसे में दो मासूम बच्चों—5 वर्षीय अमीर अंसारी और 8 वर्षीय अनीश खातून—को नहीं बचाया जा सका। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे गांव में कोहराम मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही सोनो थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना के एसआई नन्हे कुमार दुबे ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस ने दोनों मृत बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आखिर महिला और बच्चे कुएं के पास क्यों गए थे और हादसा कैसे हुआ। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।
हादसे के बाद पूरे छपरडीह गांव में मातम पसरा हुआ है। मृत बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां रुबेशां खातून इस सदमे से पूरी तरह टूट चुकी हैं। परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि यह परिवार बेहद साधारण है और बच्चों की अचानक मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। गांव के लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हुए हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा और हरसंभव सहायता देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आसपास खुले कुएं और जलस्रोत अक्सर हादसों का कारण बनते हैं। यदि समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है। ग्रामीणों ने खुले कुओं की घेराबंदी और ढक्कन लगाने की मांग भी उठाई है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा इंतजामों की कमी को उजागर किया है। अक्सर देखा जाता है कि खुले कुएं, तालाब और जलस्रोत बच्चों और महिलाओं के लिए जानलेवा साबित होते हैं। प्रशासनिक स्तर पर यदि नियमित निरीक्षण और सुरक्षा उपाय किए जाएं, तो कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
फिलहाल सोनो थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस बीच, गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। दो मासूमों की असमय मौत ने हर आंख नम कर दी है और पूरा इलाका गहरे सदमे में है।