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पटना में शिक्षक की मौत के बाद खुली सरकार की नींद, Life Jacket के साथ की गई सरकारी नाव की व्यवस्था

PATNA: पटना में दो नावों की टक्कर के बाद BPSC शिक्षक 25 वर्षीय अविनाश कुमार गंगा नदी में गिर गये और पानी के तेज बहाव में बह गये। घटना दानापुर थाना क्षेत्र के फक्कड़ महतो घाट क

पटना में शिक्षक की मौत के बाद खुली सरकार की नींद, Life Jacket के साथ की गई सरकारी नाव की व्यवस्था
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: पटना में दो नावों की टक्कर के बाद BPSC शिक्षक 25 वर्षीय अविनाश कुमार गंगा नदी में गिर गये और पानी के तेज बहाव में बह गये। घटना दानापुर थाना क्षेत्र के फक्कड़ महतो घाट की जहां शुक्रवार की सुबह 8 बजे अविनाश अन्य शिक्षकों के साथ स्कूल जा रहे थे तभी यह घटना हुई। दिनभर उनकी तलाश में एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर लगे रहे लेकिन कोई अता पता नहीं चल सका है। इस घटना के बाद नाव से नदी पार कर स्कूल जाने वाले शिक्षक काफी डरे हुए हैं। पटना के दानापुर की इस घटना के बाद सरकार की नींद खुली है। शिक्षा विभाग के सचिव वैद्यनाथ यादव ने पटना सहित तमाम डीएम को पत्र लिखा है। 


बाढ़ग्रस्त इलाकों में स्थित स्कूलों में शिक्षकों के आवागमन को लेकर कहा गया है कि राज्य के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में अवस्थित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों/कर्मियों को विद्यालय आने जाने में नदी पार करने के लिए नाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। नाव के ससमय अनुपलब्ध रहने की स्थिति में शिक्षक/कर्मियों को अनेक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। उक्त को ध्यान में रखते हुए बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में अवस्थित सरकारी विद्यालयों (प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक) में कार्यरत शिक्षक/कर्मियों के विद्यालय आवागमन के संबंध में यह निर्देश दिया कि जिन घाटों से शिक्षक/कर्मी / बच्चे अपने विद्यालय नदी पार कर आते जाते है, उन घाटों पर सरकारी नाव की व्यवस्था की जाय।  नाव पर Life Jacket पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराया जाय, ताकि प्रत्येक सवारी Life Jacket का प्रयोग अनिवार्यतः कर सके। गोताखोर की व्यवस्था भी रहे। Life Jacket का क्रय जिला प्रशासन द्वारा किया जाय। 


विद्यालय जाने एवं लौटने के लिए निर्धारित समय को ध्यान में रख कर नाव खुलने का समय निर्धारित किया जाय, ताकि शिक्षक/कर्मी/बच्चे नाव पर सवार होकर ससमय विद्यालय पहुँच सके एवं घर जा सकें। इस पर होने वाले व्यय आपदा प्रबंधन के माध्यम से नहीं होने की स्थिति में इसका वहन जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा किया जायेगा। आवश्यकता अनुसार इसके लिए आवंटन की मांग की जायेगी। यह मात्र अगस्त एवं सितम्बर माह के लिए मुख्य रूप से लागू होगा। कतिपय कारणों से अगर ऐसे शिक्षक/कर्मी विद्यालय निर्धारित समय पर नहीं पहुँचते है तो तदनुरूप विलम्ब से दर्ज उपस्थिति मान्य होगी, जिनमें एक घण्टे से ज्यादा विलम्ब नहीं हो। उपरोक्त निदेशों का सम्यक अनुपालन सुनिश्चित किया जाय।


बता दें कि नाव पर अविनाश ने पहले बाइक को चढ़ाया फिर खुद नाव पर चढ़ने लगे। इसी दौरान पीछे से आ रही दूसरी नाव ने टक्कर मार दी। जिसके कारण अविनाश गंगा नदी में गिर गये। उन्हें तैरना नही आता था जिसके कारण वो नदी के तेज बहाव में बह गये। अभी तक उनका पता नहीं चल सका है। एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर ने आज दिनभर खोजबीन की लेकिन कोई अता-पता नहीं चल सका है। 

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