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Republic Day 2026 : 77वें गणतंत्र दिवस पर वंदे मातरम् थीम की भव्य परेड, कर्तव्य पथ पर निकलेंगी 30 झांकियां

26 जनवरी को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गर्व और उत्साह के साथ मनाएगा। इस वर्ष कर्तव्य पथ पर होने वाली मुख्य परेड की थीम ‘वंदे मातरम्’ रखी गई है। परेड में ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ विषय पर आधारित 30

Republic Day 2026 : 77वें गणतंत्र दिवस पर वंदे मातरम् थीम की भव्य परेड, कर्तव्य पथ पर निकलेंगी 30 झांकियां
Tejpratap
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Republic Day 2026 : 26 जनवरी को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मनाने जा रहा है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम्’ रखी गई है, जो देशभक्ति, एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगी। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली इस भव्य परेड में भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिलेगा।


इस बार परेड के दौरान कुल 30 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्, समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ विषय पर आधारित होंगी। ये झांकियां देश के विभिन्न राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों की उपलब्धियों, परंपराओं और विकास योजनाओं को दर्शाएंगी। प्रत्येक झांकी अपने साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक प्रगति की अनूठी कहानी लेकर आएगी।


गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत राष्ट्रपति के सलामी लेने के साथ होगी। इसके बाद तीनों सेनाओं — थल सेना, नौसेना और वायु सेना — की टुकड़ियां अनुशासन और साहस का परिचय देती हुई मार्च पास्ट करेंगी। अत्याधुनिक हथियार, टैंक, मिसाइल सिस्टम और रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन देश की सैन्य क्षमता और सुरक्षा तैयारियों को दर्शाएगा। वायु सेना के लड़ाकू विमानों द्वारा किया गया फ्लाई-पास्ट हमेशा की तरह इस आयोजन का आकर्षण रहेगा।


परेड में शामिल होने वाली झांकियों के माध्यम से ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की झलक देखने को मिलेगी। स्वदेशी तकनीक, स्टार्टअप्स, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास जैसे विषयों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा। यह संदेश दिया जाएगा कि भारत न केवल अपनी आज़ादी पर गर्व करता है, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समृद्धि की ओर भी तेजी से अग्रसर है।


राज्यों की झांकियों में लोक कला, लोक नृत्य, पारंपरिक वेशभूषा और ऐतिहासिक धरोहरों का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे देश की विविधता में एकता का भाव उजागर होगा। वहीं, केंद्र सरकार के मंत्रालयों की झांकियां विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, तकनीक और बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाएंगी।


गणतंत्र दिवस समारोह केवल एक सैन्य परेड नहीं है, बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान की ताकत और जनता की एकजुटता का उत्सव है। इस दिन देशभर में सरकारी भवनों, विद्यालयों और संस्थानों में ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति से जुड़े आयोजन किए जाते हैं। लोग अपने घरों पर तिरंगा फहराकर देश के प्रति अपने सम्मान और समर्पण को व्यक्त करते हैं।


77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशवासियों को यह याद दिलाया जाएगा कि स्वतंत्रता केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। ‘वंदे मातरम्’ की गूंज के साथ यह संदेश दिया जाएगा कि मातृभूमि के प्रति प्रेम, त्याग और सेवा ही सच्चा राष्ट्रधर्म है। साथ ही, ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प यह दर्शाता है कि भारत आने वाले वर्षों में आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनेगा।


कुल मिलाकर, इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड देश की गौरवशाली विरासत और उज्ज्वल भविष्य की झलक पेश करेगी। यह आयोजन न केवल देशवासियों के दिलों में देशभक्ति की भावना को मजबूत करेगा, बल्कि विश्व को यह संदेश भी देगा कि भारत एक मजबूत, आत्मनिर्भर और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।