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Bihar News : एक इशारा और सब समझ गए! राबड़ी देवी ने बिना बोले ही कर दिया महिला आरक्षण बिल का विरोध; पढ़िए क्या है पूरी खबर

बिहार की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने महिला आरक्षण बिल पर बिना कुछ कहे इशारों में विरोध जताया। उनका यह अंदाज अब चर्चा में है और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

Bihar News : एक इशारा और सब समझ गए! राबड़ी देवी ने बिना बोले ही कर दिया महिला आरक्षण बिल का विरोध; पढ़िए क्या है पूरी खबर
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bihar News : बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में विपक्ष की नेता Rabri Devi एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। रविवार को जब वह अपने आवास से बाहर निकलीं, तो वहां मौजूद पत्रकारों ने उनसे महिला आरक्षण बिल को लेकर सवाल पूछ लिया। हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके हाव-भाव ने काफी कुछ स्पष्ट कर दिया।


दरअसल, हाल ही में महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। ऐसे में जब पत्रकारों ने राबड़ी देवी से पूछा कि “मैडम, महिला आरक्षण बिल गिर गया है, इस पर आपका क्या कहना है?”, तो उन्होंने शब्दों की बजाय इशारों में जवाब देना ज्यादा उचित समझा। उन्होंने अपनी अंगुली उठाई, उसे घुमाया और फिर नीचे की ओर इशारा किया। उनके इस इशारे को पत्रकारों और वहां मौजूद लोगों ने बिल के विरोध के रूप में समझा।


राबड़ी देवी का यह अंदाज नया नहीं है। इससे पहले भी वह कई बार सीधे बयान देने के बजाय इशारों और संक्षिप्त प्रतिक्रियाओं के जरिए अपनी बात रखती रही हैं। इस बार भी उन्होंने बिना कुछ कहे अपने विरोध को जाहिर कर दिया। उनके इस रिएक्शन का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिस पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राबड़ी देवी का यह इशारा सिर्फ एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है। महिला आरक्षण बिल को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की अलग राय रही है। कुछ दल इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम मानते हैं, तो वहीं कुछ इसे वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से सही नहीं मानते।


राबड़ी देवी का इशारों में विरोध जताना यह संकेत देता है कि उनकी पार्टी इस बिल के मौजूदा स्वरूप से सहमत नहीं है। हालांकि उन्होंने खुलकर कुछ नहीं कहा, लेकिन उनके हाव-भाव ने यह साफ कर दिया कि वे इस मुद्दे पर अपनी अलग राय रखती हैं।


पत्रकारों ने उनसे दोबारा भी सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कोई मौखिक जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ गईं। उनके इस व्यवहार ने लोगों के बीच जिज्ञासा और बढ़ा दी है कि आखिर वह इस बिल के खिलाफ क्या ठोस तर्क रखती हैं।


बिहार की राजनीति में राबड़ी देवी का एक अलग स्थान रहा है। वह लंबे समय तक राज्य की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और आज भी सक्रिय राजनीति में अहम भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में उनके हर बयान और इशारे का राजनीतिक महत्व माना जाता है।


फिलहाल, उनका यह इशारों वाला विरोध चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में वह इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखती हैं या फिर इसी तरह संकेतों के जरिए अपनी बात कहती रहेंगी।