ब्रेकिंग
पटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनापटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का बहिष्कार करने वालों पर बरसे सुशील मोदी, लोगों से की ये बड़ी अपील

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने बिहार की जनता से अपील की कि अयोध्या के रामजन्म भूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर पर 22 जनवरी क

प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का बहिष्कार करने वालों पर बरसे सुशील मोदी, लोगों से की ये बड़ी अपील
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने बिहार की जनता से अपील की कि अयोध्या के रामजन्म भूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर पर 22 जनवरी की शाम सब लोग कम से कम पांच दीप जला कर दीपावली मनायें और राम-विरोधी नकारात्मकता के अंधेरे में आस्था का प्रकाश फैलायें।


सुशील मोदी ने कहा है कि प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले जो दस दिन शेष हैं, उस अवधि में राम-भक्तों को अपने आस-पास के मंदिरों में उसी तरह स्वच्छता अभियान चलाना चाहिए, जैसे हम बिहार के लोग छठ पर्व के समय सफाई करते हैं। इससे वातावरण में शांति और सकारात्मकता का संचार होगा। 


उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में आस्था रखने वाली कई पीढियों के संघर्ष और बलिदान के बाद अयोध्या में विराट उत्सव मनाने का जो अवसर आया हैं, वह वर्तमान पीढ़ी के हिंदुओं के लिए सौभाग्य का विषय है। जो लोग आमंत्रण मिलने के बाद भी एक सात्विक कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे, उनके बारे में निर्णय राम-भक्त जनता करेगी।


सुशील मोदी ने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार जिन पर दैवी कृपा नहीं होती, वे संसाधन-समय और आमंत्रण रहने के बाद भी सिद्ध मंदिरों में दर्शन नहीं कर पाते। 22 जनवरी के बाद सभी हिंदू भाई-बहनों को अपनी सुविधानुसार एक बार अवश्य अयोध्या धाम की यात्रा कर सरयू में स्नान और राम लला के दर्शन करने चाहिए।

संबंधित खबरें