1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 15, 2026, 7:02:22 AM
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LPG Cylinder : मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इस स्थिति का प्रभाव भारत में भी दिखाई देने लगा है। कई शहरों में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और अवैध भंडारण की शिकायतें सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू गैस कनेक्शन को लेकर एक अहम निर्णय लिया है, जिससे गैस वितरण व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।
मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध है, वे अब घरेलू एलपीजी (LPG) कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी गैस कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो भविष्य में उन्हें एलपीजी सिलेंडर का रिफिल नहीं दिया जाएगा।
पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि PNG और LPG दोनों कनेक्शन एक साथ रखने से गैस की आपूर्ति में असंतुलन और संसाधनों के दोहरे उपयोग की समस्या पैदा होती है। कई जगहों पर ऐसे मामले सामने आए हैं जहां उपभोक्ता PNG होने के बावजूद एलपीजी सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं, जिससे जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होती है। इस नई व्यवस्था के जरिए सरकार गैस वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना चाहती है।
दरअसल, मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट के प्रभावित होने से तेल और गैस की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति बाधित हो सकती है। भारत अपनी घरेलू जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित एलपीजी से पूरा करता है, इसलिए इस स्थिति को देखते हुए सरकार पहले से ही सतर्क हो गई है।
कुछ बड़े शहरों जैसे दिल्ली और मुंबई में गैस सिलेंडर को लेकर लंबी कतारों की खबरें सामने आई हैं। वहीं कई रेस्टोरेंट और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठान गैस की कमी के कारण प्रभावित हुए हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त गैस उपलब्ध है और घबराने की जरूरत नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्थिति को लेकर भरोसा दिलाया है कि सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि देश में उपलब्ध गैस स्टॉक की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यक होने पर वैकल्पिक आयात स्रोतों की ओर भी रुख किया जा रहा है। मंत्री के अनुसार फिलहाल उद्योगों को भी लगभग 70 से 80 प्रतिशत गैस की आपूर्ति की जा रही है, जबकि घरेलू जरूरतों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
सरकार ने संकट से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें रिफाइनरियों से एलपीजी उत्पादन बढ़ाने, गैस बुकिंग और वितरण प्रणाली को मजबूत करने, तथा जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई शामिल है। इसके अलावा ‘प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश 2026’ लागू किया गया है, जिसके तहत रिफाइनरियों और गैस आपूर्ति कंपनियों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है।
एलएनजी आयात को बढ़ाने के लिए अल्जीरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ भी आपूर्ति बढ़ाने पर बातचीत चल रही है। साथ ही स्थिति की निगरानी के लिए तीन सदस्यीय मॉनिटरिंग पैनल का गठन किया गया है, जो देश में गैस आपूर्ति और वितरण की स्थिति पर लगातार नजर रखेगा।
वहीं ग्रामीण और गरीब परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत केरोसिन की आपूर्ति भी बढ़ा दी है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर कोयला और बायोमास जैसे वैकल्पिक ईंधन के उपयोग को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है।
सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस की उपलब्धता का सही तरीके से उपयोग हो और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक बिना किसी बाधा के ईंधन पहुंच सके। साथ ही अफवाहों से बचने और घबराहट में गैस की अतिरिक्त खरीद से परहेज करने की भी अपील की गई है।