Bihar News: आपका भी पीएम आवास योजना से कट गया है नाम? अब फिर से हो रही है जांच, जाने क्या है नया अपडेट!

क्या आपका नाम भी पीएम आवास योजना से गायब हो गया था? अब बिहार सरकार फिर से कर रही है 35 लाख परिवारों की जांच। यह मौका उन सभी के लिए है जिन्हें पहले “अयोग्य” बताया गया था। क्या आप इस बार योजना के लाभार्थी बन पाएंगे?

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 23 Feb 2026 01:30:05 PM IST

Bihar News: आपका भी पीएम आवास योजना से कट गया है नाम? अब फिर से हो रही है जांच,  जाने क्या है नया अपडेट!

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BIHAR NEWS: बिहार सरकार ने प्रधानमंत्री आवास आवास योजना के तहत करीब 35 लाख परिवारों की पात्रता फिर से जांचने का निर्णय लिया है। ये वे परिवार हैं जिन्हें पहले सर्वे के बाद “अयोग्य” यानी योजना के लाभ के लिए उपयुक्त नहीं बताया गया था, लेकिन अब उन्हें एक दूसरी जांच का मौका मिलेगा ताकि जो इस योजना के लिए पात्र हैं उन्हें इसकी लाभ मिल सके।


कोई पात्रता से वंचित न रहे। 

ग्रामीण विकास विभाग के मुताबिक, राज्य में लगभग 1.04 करोड़ परिवारों को सर्वे में शामिल किया गया था, जिसमें से करीब 35 लाख परिवारों को पहले “अयोग्य” श्रेणी में डाल दिया गया था। अब इन सभी परिवारों की जानकारी एक बार फिर से जांची जाएगी कि क्या उन्होंने सर्वे में दी गई जानकारी ठीक से भरी थी और क्या वे वास्तव में योजना के मानदंडों पर खरे उतरते हैं। 


पुनः जांच में यह खास बात है कि जिस सरकारी टीम ने पहली बार सत्यापन किया था, वही टीम इस बार शामिल नहीं होगी। इन परिवारों की जांच पूरे अलग-अलग पंचायतों के कर्मियों द्वारा की जाएगी, ताकि निष्पक्ष और सही निर्णय लिया जा सके। जांच के बाद ही विभाग एक फाइनल लाभार्थी सूची तैयार करेगा। 


क्या होगा वो अंतिम सूची?

फाइनल सूची को पहले ग्राम सभा में अनुमोदन (स्वीकृति) दी जाएगी। उसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 से पात्र परिवारों को पीएम आवास योजना का सर्वाधिक लाभ चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा। 


इस योजना का मकसद उन गरीब परिवारों को पक्का मकान देना है जो कच्चे घरों में रहते हैं या जिनके पास अपना पक्का मकान नहीं है। योजना के तहत हर पात्र परिवार को तीन किस्तों में लगभग ₹1,20,000 रुपये की सहायता दी जाती है ताकि वे अपने घर का निर्माण कर सकें। 


अब तक का निर्माण और देरी की समस्या

पहले बनाई गई सूची के आधार पर राज्य में लगभग 12 लाख 20 हजार परमानेंट घरों का निर्माण जारी है। वित्तीय वर्षों 2024-25 और 2025-26 के लिए इन घरों को मंजूरी मिली थी। इनमें से करीब 3 लाख घर पहले ही बन चुके हैं, जबकि बाकी घरों का निर्माण अभी चल रहा है। 


हालांकि, पिछले सात महीनों से केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के लिए राशि नहीं जारी होने की वजह से घरों के निर्माण की गति कुछ धीमी पड़ी है। इसी कारण से केंद्र से ₹3,000 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त धनराशी की मांग भी की गई है ताकि घरों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा सके। 


लाभार्थियों को क्या मिलेगा?

पीएम आवास योजना के तहत चयनित गरीब परिवारों को मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद, मुफ्त खाका/डिजाइन, मजदूरी सहायता और तकनीकी सपोर्ट मिलते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) का लक्ष्य है कि हर गरीब परिवार को पक्का घर मिले ताकि उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल सके।