Minto Hostel : मिंटो हॉस्टल से अरेस्ट हुए 8 छात्र, कमरे में शराब पीकर कर रहे मौज -मस्ती; स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन से पहले आधी रात SP ने लिया एक्शन

पटना यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव से पहले पुलिस ने मिंटो छात्रावास में छापेमारी कर 8 छात्रों को नशे की हालत में गिरफ्तार किया। पूरे मामले में जांच जारी है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 19 Feb 2026 08:38:29 AM IST

Minto Hostel : मिंटो हॉस्टल से अरेस्ट हुए 8 छात्र, कमरे में शराब पीकर कर रहे मौज -मस्ती;  स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन से पहले आधी रात SP ने लिया एक्शन

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Minto Hostel : पटना विश्वविद्यालय के छात्रावासों में बुधवार देर रात पुलिस ने सघन छापेमारी अभियान चलाया। छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई से विश्वविद्यालय परिसर में हलचल मच गई है। पुलिस ने मिंटो छात्रावास से आठ छात्रों को गिरफ्तार किया है। सभी छात्र कथित तौर पर नशे की हालत में पाए गए।


नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य) भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में यह रेड की गई। पुलिस के अनुसार, बीते कुछ दिनों से छात्र संगठनों के बीच वर्चस्व को लेकर संभावित भिड़ंत की शिकायतें मिल रही थीं। साथ ही विश्वविद्यालय में आगामी छात्रसंघ चुनाव को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्राप्त शिकायतों एवं संवेदनशील माहौल को देखते हुए छात्रावासों में सघन जांच अभियान चलाया गया।


छापेमारी के दौरान मिंटो छात्रावास से कुल आठ छात्रों को हिरासत में लिया गया। यहां से जिन लोगों को अरेस्ट किया गया है उसमें साहिल कुमार उर्फ विष्णु, ललित सिद्धार्थ, आयुष कुमार, अतुल कुमार, अरुण कुमार, गुंजन कुमार, मकरध्वज उपाध्याय और रोहित कुमार को अरेस्ट किया गया है। जिसमें साहिल के ऊपर पहले से भी बम कांड में फिर बाहर थाने में केस दर्ज है। पुलिस का कहना है कि सभी छात्र शराब के नशे में थे। गिरफ्तार छात्रों में से एक का पूर्व से आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि गिरफ्तार छात्रों का नाम पीरबहोर थाना में दर्ज एक बम कांड मामले से भी जुड़ा हुआ बताया जा रहा है, जिसमें विस्फोटक अधिनियम की धाराएँ आरोपित हैं। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत पूछताछ जारी है।


पुलिस टीम ने छात्रावास परिसर के विभिन्न कमरों की तलाशी ली और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छात्र संगठनों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए एहतियातन यह कदम उठाया गया। हाल के दिनों में विश्वविद्यालय परिसर से लगातार तनाव की सूचनाएँ मिल रही थीं। इसी के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अभियान चलाया गया।


गिरफ्तार छात्रों को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर आगे भी छापेमारी की जा सकती है।


उल्लेखनीय है कि पटना विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव का मतदान 28 फरवरी को होना है। सेंट्रल पैनल के अंतर्गत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष सहित पांच प्रमुख पदों के लिए चुनाव होंगे। इसके अलावा 22 काउंसिल मेंबर पदों पर भी मतदान कराया जाएगा। कॉलेज काउंसिल मेंबर के लिए प्रति एक हजार विद्यार्थियों पर एक प्रतिनिधि चुना जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रारंभिक उम्मीदवार सूची जारी की जानी है।


यदि किसी अभ्यर्थी को इस सूची पर आपत्ति है तो वह ग्रीवांस सेल में शिकायत दर्ज करा सकता है। अंतिम रूप से वैध उम्मीदवारों की सूची 21 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। छात्रसंघ चुनाव से पहले पुलिस की इस कार्रवाई को विश्वविद्यालय परिसर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजर पुलिस की आगे की कार्रवाई और चुनावी माहौल पर बनी हुई है।