Patna land registry : पटना में जमीन रजिस्ट्री के लिए लागू होगा नया रेट, सर्किल रेट में भी जमकर बढ़ोतरी; बोरिंग रोड में इतने रुपए प्रति कट्ठा होगा रेट

पटना में एक अप्रैल से नई बाजार मूल्य दर (एमवीआर) लागू होगी। सर्किल रेट में 80-90% तक बढ़ोतरी संभव है। इससे पहले जमीन रजिस्ट्री के लिए निबंधन कार्यालय में लोगों की भीड़ बढ़ गई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 19 Feb 2026 08:29:00 AM IST

Patna land registry : पटना में जमीन रजिस्ट्री के लिए लागू होगा नया रेट, सर्किल रेट में भी जमकर बढ़ोतरी; बोरिंग रोड में इतने रुपए प्रति कट्ठा होगा रेट

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Patna land registry : पटना में जमीन रजिस्ट्री कराने वालों के लिए बड़ी खबर है। एक अप्रैल से नई बाजार मूल्य दर (एमवीआर) लागू होने जा रही है, जिसके तहत सर्किल रेट में 80 से 90 फीसदी तक बढ़ोतरी संभव है। कई इलाकों में यह दर तीन गुना तक बढ़ सकती है। जिला निबंधन कार्यालय ने इसकी तैयारी तेज कर दी है और मूल्यांकन समिति की बैठक के साथ विभिन्न अंचलों का सत्यापन कार्य भी पूरा कर लिया गया है।


जिला निबंधन पदाधिकारी रवि रंजन ने बताया कि नई एमवीआर दर एक अप्रैल से प्रभावी होगी। हर इलाके का सर्किल रेट अलग-अलग तय किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में वर्तमान सर्किल रेट बाजार मूल्य से अधिक है, वहां दरों को संतुलित किया जाएगा। वहीं जिन इलाकों में बाजार मूल्य काफी ज्यादा है लेकिन सर्किल रेट कम है, वहां भारी बढ़ोतरी की तैयारी है।


फिलहाल बोरिंग रोड इलाके का सर्किल रेट सबसे अधिक 40 लाख रुपये प्रति कट्ठा है। शहर के कई अन्य इलाके भी तेजी से विकसित हो रहे हैं, इसलिए वहां भी सर्किल रेट बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। बोरिंग रोड, नाला रोड, बेली रोड, पाटलिपुत्र कॉलोनी, सगुना मोड़ और गोला रोड मोड़ जैसे इलाकों में पहले से ही सर्किल रेट ऊंचा है। वहीं बिक्रम अंचल के नौबतपुर और बाढ़ अनुमंडल के कई अंचलों में अभी भी सर्किल रेट अपेक्षाकृत कम है।


प्रशासन के अनुसार बाढ़ के पांच अंचल, फतुहा के तीन अंचल, पालीगंज के तीन अंचल, बिक्रम के तीन अंचल और पटना सदर के 72 वार्डों का सत्यापन किया जा चुका है। पूरे जिले में वर्तमान बाजार दर के अनुसार नई दरें तय की जा रही हैं।


नई एमवीआर लागू होने की खबर के बाद जमीन रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पटना जिला निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन करीब 150 लोग जमीन की रजिस्ट्री करा रहे हैं। दिसंबर 2025 से रजिस्ट्री की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद प्रक्रिया पहले से तेज और पारदर्शी हो गई है, जिससे लोगों को सुविधा मिल रही है। हालांकि नई दर लागू होने से पहले अधिक भुगतान से बचने के लिए लोग तेजी से रजिस्ट्री करा रहे हैं।


राजस्व प्राप्ति के मामले में भी पटना जिला राज्य में सबसे आगे बताया जा रहा है। जिले को 1500 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य मिला था, जिसमें से अब तक 1100 करोड़ रुपये की प्राप्ति हो चुकी है। पटना सदर के लिए 725 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया था, जिसमें शहरी क्षेत्र से 550 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार प्रतिदिन तीन से चार करोड़ रुपये तक राजस्व की प्राप्ति हो रही है।


विशेषज्ञों का मानना है कि सर्किल रेट में वृद्धि से सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी, लेकिन जमीन खरीदने वालों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ सकता है। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है। अब सभी की नजर एक अप्रैल पर टिकी है, जब नई बाजार मूल्य दर लागू होगी और पटना के विभिन्न इलाकों में जमीन की कीमतों का नया अध्याय शुरू होगा।