Patna student death case : सातवीं मंज़िल से मौत का रहस्य: पहले पुतला गिराया, अब संदिग्धों का नार्को टेस्ट; छात्रा केस में जांच ने पकड़ी रफ्तार

पटना के फुलवारी थाना क्षेत्र में सुमित्रा पैलेस अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से गिरकर 12वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। संदिग्धों के नार्को टेस्ट की तैयारी की जा रही है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 19 Feb 2026 08:13:48 AM IST

Patna student death case : सातवीं मंज़िल से मौत का रहस्य: पहले पुतला गिराया, अब संदिग्धों का नार्को टेस्ट; छात्रा केस में जांच ने पकड़ी रफ्तार

- फ़ोटो

Patna student death case : पटना के फुलवारी थाना क्षेत्र में एनएच-139 के पास स्थित सुमित्रा पैलेस अपार्टमेंट की सातवीं मंज़िल से गिरकर 12वीं की एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस जांच तेज कर दी गई है। अब इस मामले में पुलिस संदिग्धों का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरुवार को न्यायालय में नार्को टेस्ट की अनुमति के लिए आवेदन दायर किया जाएगा। कोर्ट से स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।


पुलिस का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है और अब तक की पूछताछ में कई ऐसे बिंदु सामने आए हैं, जिनकी सच्चाई तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिक जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि कुछ संदिग्धों से पूछताछ के दौरान मिले बयान आपस में मेल नहीं खा रहे हैं। ऐसे में नार्को टेस्ट के माध्यम से सच्चाई सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और सभी पहलुओं पर समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है।


इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने घटनास्थल पर री-क्रिएशन भी किया है। मंगलवार को टीम ने अपार्टमेंट की सातवीं मंजिल से एक पुतला गिराकर यह समझने की कोशिश की कि गिरने की स्थिति कैसी रही होगी। पुलिस यह जानना चाहती है कि छात्रा ने स्वयं छलांग लगाई या फिर उसे धक्का देकर नीचे फेंका गया। इस प्रयोग के दौरान गिरने के एंगल, गति और संभावित प्रभाव बिंदुओं का विश्लेषण किया गया। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।


घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए हैं। अपार्टमेंट परिसर के पास लगे दो कैमरों की रिकॉर्डिंग पुलिस ने जब्त कर ली है। एक कैमरे में छात्रा चौथी मंजिल के स्तर पर गिरते हुए दिखाई दे रही है, जबकि सामने वाले भवन में लगे कैमरे में सातवीं मंजिल से नीचे गिरने का दृश्य कैद हुआ है। हालांकि फुटेज की गुणवत्ता और कोण को लेकर भी विशेषज्ञों से राय ली जा रही है, ताकि किसी तरह की आशंका की गुंजाइश न रहे।


जांच के क्रम में अपार्टमेंट के गार्ड को हिरासत में लेकर लंबी पूछताछ की गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय अपार्टमेंट में कौन-कौन मौजूद था और छात्रा किन परिस्थितियों में सातवीं मंजिल तक पहुंची। मृतका उसी अपार्टमेंट में संचालित एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाई करती थी। घटना के दिन वह कोचिंग के लिए आई थी या किसी अन्य कारण से वहां पहुंची थी, इस बिंदु पर भी जांच जारी है।


छात्रा के परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी बेटी ऐसा कदम नहीं उठा सकती थी। परिजनों की मांग पर पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अभी तक ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है जिससे स्पष्ट रूप से कहा जा सके कि यह आत्महत्या है या हत्या।


फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दोषी चाहे जो भी हो, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पूरे मामले पर शहरवासियों की नजर बनी हुई है और सभी को जांच रिपोर्ट का इंतजार है।