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Bihar STET protest : पटना में STET अभ्यर्थियों का हंगामा: रिवाइज्ड आंसर-की, स्पष्ट नोटिफिकेशन और ग्रेस मार्क्स की मांग पर प्रदर्शन तेज

पटना में STET अभ्यर्थियों ने BSEB कार्यालय के बाहर रिवाइज्ड आंसर-की, स्पष्ट नोटिफिकेशन और आउट ऑफ सिलेबस सवालों पर ग्रेस मार्क्स की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बोर्ड की चुप्पी से छात्रों में नाराजगी बढ़ी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 11, 2025, 1:54:13 PM

Bihar STET protest : पटना में STET अभ्यर्थियों का हंगामा: रिवाइज्ड आंसर-की, स्पष्ट नोटिफिकेशन और ग्रेस मार्क्स की मांग पर प्रदर्शन तेज

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Bihar STET protest : पटना में बिहार स्टेट टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (STET) अभ्यर्थियों का आक्रोश एक बार फिर उभरकर सामने आया। बड़ी संख्या में छात्र बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) कार्यालय के बाहर जमा हुए और अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें हैं—रिवाइज्ड आंसर-की जारी करना, स्पष्ट एवं आधिकारिक नोटिफिकेशन देना और परीक्षा में पूछे गए आउट ऑफ सिलेबस सवालों पर ग्रेस मार्क्स प्रदान करना।


करीब 20–25 अभ्यर्थी सुबह से ही बोर्ड कार्यालय के गेट पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। उनका आरोप है कि बोर्ड लगातार उन्हें गुमराह कर रहा है और उनकी आपत्तियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे आंदोलन जारी रखेंगे। कई छात्रों ने नारों के माध्यम से बोर्ड पर मनमानी का आरोप लगाते हुए ‟हमारी मांगें पूरी करो”, “STET होश में आओ” और “गुमराह करना बंद करो” जैसे नारे लगाए।


कॉमर्स सब्जेक्ट की छात्रा ज्योति, जो प्रदर्शन में शामिल थीं, ने बताया कि परीक्षा में लगभग 21 सवाल आउट ऑफ सिलेबस पूछे गए। इससे हजारों छात्रों के अंक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों ने समय पर आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन बोर्ड की ओर से न तो कोई उचित स्पष्टीकरण आया और न ही रिवाइज्ड आंसर-की जारी की गई। “बोर्ड बार-बार सिर्फ तिथि बढ़ा रहा है। हर बार कहा जाता है कि जांच हो रही है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा,” ज्योति ने कहा।


अभ्यर्थियों का आरोप है कि जारी की गई आंसर-की में कई प्रश्नों के उत्तर गलत दिए गए हैं। अगर इन त्रुटियों को सुधारा नहीं गया, तो हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। छात्रों ने यह भी कहा कि आउट ऑफ सिलेबस सवालों के कारण कई प्रतिभाशाली अभ्यर्थी कटऑफ से बाहर हो सकते हैं। ऐसे में ग्रेस मार्क्स देना जरूरी है, ताकि छात्रों के साथ अन्याय न हो।


प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बोर्ड को छात्र लगातार अपनी शिकायतें भेज रहे हैं, लेकिन किसी शिकायत का समाधान नहीं हुआ। 27, 28 और 29 नवंबर को भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने BSEB कार्यालय का घेराव किया था, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। छात्रों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बोर्ड की चुप्पी से उनकी बेचैनी और बढ़ रही है।


एक अभ्यर्थी ने कहा, “हमारी आपत्तियों पर कार्रवाई करने की बजाय बोर्ड बार-बार प्रक्रिया को लंबा कर रहा है। इससे ऐसा लगता है कि वे हमारे मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रहे।”प्रदर्शनकारियों ने बताया कि आज का विरोध पिछले दिनों की तुलना में बड़ा है, और आने वाले दिनों में यह और व्यापक रूप ले सकता है। कई जिलों से छात्र पटना पहुंच रहे हैं ताकि आंदोलन को और मजबूती मिल सके। उनका कहना है कि जब तक रिवाइज्ड आंसर-की जारी नहीं होती और नोटिफिकेशन की स्पष्ट टाइमलाइन नहीं दी जाती, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।


छात्रों का दावा है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन बोर्ड की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया न आने से उनके मन में असंतोष बढ़ रहा है। “हम सिर्फ न्याय चाहते हैं। अगर परीक्षा में गलतियां हुई हैं, तो उन्हें स्वीकार करके सुधारा जाना चाहिए,” एक अभ्यर्थी ने कहा।फिलहाल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से प्रदर्शन या छात्रों की मांगों पर कोई बयान सामने नहीं आया है। इससे अभ्यर्थी और अधिक परेशान हैं, क्योंकि आगामी भर्ती प्रक्रिया और रिजल्ट दोनों ही असमंजस में पड़े हुए हैं। छात्रों का कहना है कि यदि रिवाइज्ड आंसर-की समय पर जारी नहीं की गई, तो आगे की नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी, जिसका नुकसान उम्मीदवारों को ही भुगतना पड़ेगा। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। वे आने वाले दिनों में प्रदेशव्यापी विरोध की रणनीति भी बना रहे हैं।