1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 24 Feb 2026 09:43:47 AM IST
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Patna Metro : राजधानी पटना के लिए इंतजार की घड़ियां अब लगभग खत्म होने को हैं। मलाही पकड़ी से खेमनीचक के बीच मेट्रो परिचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है और अब 28 फरवरी की तारीख पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस दिन सुरक्षा आयुक्त की अंतिम जांच और मंजूरी के बाद Patna Metro Rail Corporation के पहले चरण का औपचारिक आगाज हो सकता है।
सोमवार को नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव सह मेट्रो एमडी संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी की अध्यक्षता में हाई-लेवल समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता किए बिना निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जाएं। मलाही पकड़ी और खेमनीचक स्टेशनों के बीच बिजली आपूर्ति, सिग्नलिंग और फायर सेफ्टी से जुड़े कार्य सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं।
अब केवल ‘सुरक्षा आयुक्त जांच’ (CMRS Inspection) की औपचारिकता शेष है। यह निरीक्षण मेट्रो संचालन से पहले सुरक्षा मानकों की अंतिम पुष्टि के लिए किया जाता है। जैसे ही सुरक्षा आयुक्त की हरी झंडी मिलेगी, मार्च के पहले सप्ताह से आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी है। इससे पूर्वी पटना के हजारों लोगों को तेज, सुरक्षित और जाम-मुक्त यात्रा का विकल्प मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार मलाही पकड़ी–खेमनीचक सेक्शन परिचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। ट्रायल रन के दौरान ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग और आपातकालीन प्रबंधन प्रणाली की जांच की जा चुकी है। स्टेशन परिसरों में सीसीटीवी, अग्निशमन उपकरण और यात्री सूचना प्रणाली को भी सक्रिय कर दिया गया है।
इधर प्रोजेक्ट के अगले चरण की तैयारी भी तेज हो गई है। पटना जंक्शन क्षेत्र में सुरंग निर्माण की रफ्तार बढ़ाने के लिए अप्रैल में चौथी टनल बोरिंग मशीन (TBM) लाई जाएगी। इसके बाद पटना जंक्शन से मीठापुर लाइन के बीच कनेक्टिविटी के लिए खुदाई शुरू होगी। राजेंद्र नगर क्षेत्र में भी अगले 20 दिनों के भीतर टनल निर्माण कार्य तेज होने की संभावना है।
रेल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पटना जंक्शन परिसर में अवैध प्रवेश मार्गों को बंद कर दिया गया है। निरीक्षण के दौरान दानापुर मंडल के अधिकारियों ने ऐसे रास्तों की पहचान की थी, जिनसे असामाजिक तत्वों के प्रवेश की आशंका थी। क्लॉक रूम के पास का प्रवेश द्वार तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है, जबकि गेट संख्या 4 सहित दो अन्य अनधिकृत रास्तों पर भी रोक लगा दी गई है।
मेट्रो परियोजना को पटना के शहरी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है। राजधानी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या से निजात दिलाने में यह सेवा अहम भूमिका निभा सकती है। खासकर मलाही पकड़ी, खेमनीचक और आसपास के घनी आबादी वाले इलाकों के लोगों के लिए यह बड़ी राहत साबित होगी।
पहले चरण के शुरू होते ही राजधानी के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है। अब सबकी निगाहें 28 फरवरी पर टिकी हैं, जब अंतिम सुरक्षा मंजूरी के साथ पटना मेट्रो अपने सफर की औपचारिक शुरुआत कर सकती है।