Bihar News : पटना के सबसे चर्चित व्यावसायिक इलाकों में शामिल मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स की तस्वीर अब बदलने वाली है। करीब चार दशक पुराने इस कॉम्प्लेक्स को नए स्वरूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। पटना नगर निगम ने मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स के पुनर्विकास का प्रस्ताव तैयार किया है। योजना के तहत यहां मौजूद पुरानी और जर्जर हो चुकी संरचनाओं को हटाकर आधुनिक बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा।
मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स फिलहाल करीब 13 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैला है। वर्तमान में यहां चार मंजिला इमारतों में करीब 395 दुकानें और निजी एवं सरकारी कार्यालय संचालित हो रहे हैं। करीब 43 वर्ष पुराने इस परिसर में समय के साथ कई भवन और टावर पुराने हो चुके हैं। ऐसे में इनके पुनर्विकास की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
1209 करोड़ से बदलेगा मौर्यालोक का स्वरूप
नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देश के बाद नगर निगम ने मौर्यालोक के पुनर्विकास की योजना पर काम तेज कर दिया है। प्रस्तावित परियोजना पर करीब 1209.37 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालांकि अंतिम लागत डीपीआर तैयार होने के बाद स्पष्ट होगी।
परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार करने के लिए एजेंसी का चयन किया जा चुका है। नगर निगम के मुताबिक अक्टूबर तक डीपीआर तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद परियोजना के स्वरूप, निर्माण कार्य और सुविधाओं की विस्तृत तस्वीर सामने आएगी।
मौर्यालोक को आधुनिक व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य सिर्फ पुरानी इमारतों को हटाकर नई इमारत बनाना नहीं, बल्कि पूरे परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के साथ नागरिक सुविधाओं का भी विस्तार करना है।
बाजार समिति का भी होगा कायाकल्प
मौर्यालोक के साथ बाजार समिति के पुनर्विकास की भी बड़ी योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए करीब 2983.63 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बाजार समिति में लगभग 100.28 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक वेयर हाउस विकसित करने की योजना है।
प्रस्तावित वेयर हाउस चार मंजिला होगा। इसके निचले हिस्से में दुकानें, कोल्ड स्टोरेज और कार्यालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे व्यापारियों को सामान रखने और कारोबार से जुड़ी गतिविधियों के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा मिल सकेगा।
अर्बन चैलेंज फंड से मिलेगी मदद
दोनों परियोजनाओं को अर्बन चैलेंज फंड के तहत पूरा करने की योजना है। इसके लिए परियोजना की कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम बाजार आधारित वित्तीय संसाधनों से जुटाएगा। वहीं 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार और बाकी 25 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की सहायता से उपलब्ध कराने की योजना है।
योजना को आगे बढ़ाने से पहले इसे नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति और नगर निगम बोर्ड से मंजूरी दिलाई जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा जाएगा।
अगर प्रस्तावित योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में पटना के बीचोंबीच स्थित मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स का पूरा रूप बदल सकता है। पुराने भवनों की जगह आधुनिक बहुमंजिला ढांचा, बेहतर दुकानें, कार्यालय और नागरिक सुविधाएं नजर आ सकती हैं। वहीं बाजार समिति के कायाकल्प से शहर की व्यावसायिक गतिविधियों को भी नया आधार मिलने की उम्मीद है।





