DESK: उत्तर प्रदेश के अमरोहा में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अफगनान में देर रात कमरे में सांप देखकर दहशत में आई छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बेटी की मौत का सदमा पिता सह नहीं सके और कुछ ही घंटों बाद उनकी भी मौत हो गई। महज करीब तीन घंटे के भीतर पिता-पुत्री की मौत से पूरे मोहल्ले में मातम पसर गया।
मिली जानकारी के अनुसार, मोहल्ला अफगनान में किराए के मकान में रहने वाला 32 वर्षीय गुलरेज मजदूरी और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। रिश्तेदार असद खान के मुताबिक, बुधवार रात करीब 10 बजे खाना खाने के बाद परिवार सो गया था। देर रात गुलरेज की छह वर्षीय बेटी सानिया की नींद खुली। उसने कमरे में सांप होने की बात कहते हुए शोर मचाया। इसके बाद वह बुरी तरह डर गई और बेहोश हो गई।
परिजन तत्काल उसे मोहल्ले के ही एक निजी क्लीनिक में लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, बच्ची की मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिना नहीं हो पाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही घटना की सही कारणों का पता चल पाएगा।
बेटी की मौत की खबर सुनकर पिता की तबीयत बिगड़ी
बेटी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सानिया का शव घर पहुंचते ही उसके पिता गुलरेज की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन पहले उन्हें स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए। हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में टीपी नगर चौराहे के पास उनकी हालत और बिगड़ गई।
परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ईएमओ जिला अस्पताल डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार, बच्ची को जिला अस्पताल नहीं लाया गया था। उसके पिता को परिजन मृत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे थे. चिकित्सकों के अनुसार, अत्यधिक मानसिक आघात और सदमे के कारण कार्डियक अरेस्ट की संभावना हो सकती है। हालांकि, मौत के सही कारण की पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
डॉक्टरों ने सांप की दहशत से बच्ची की मौत पर उठाए सवाल
सीएमओ डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना सांप के काटे केवल दहशत के कारण मौत होना कम संभावना वाला मामला है। उन्होंने मामले की जांच कराने की बात कही। वहीं, जिला अस्पताल के ईएमओ ने भी कहा कि बच्ची की मौत के कारण के बारे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बिना निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।
कलियर शरीफ जाने की तैयारी रह गई अधूरी
बताया जा रहा है कि गुलरेज गुरुवार को परिवार के साथ साबिर पाक के उर्स में शामिल होने के लिए कलियर शरीफ जाने की तैयारी कर रहा था। बेटी सानिया भी इस यात्रा को लेकर काफी उत्साहित थी। लेकिन जिस घर से परिवार को खुशी-खुशी उर्स के लिए रवाना होना था, वहीं से कुछ घंटों के भीतर पिता-पुत्री के जनाजे निकले।
पीछे रह गए पत्नी और दो मासूम बेटे
गुलरेज अपने पीछे पत्नी हुमा और दो छोटे बेटों—पांच वर्षीय कादिर और दो वर्षीय आमिर—को छोड़ गए हैं। परिवार में गुलरेज ही कमाने वाले सदस्य थे। उनकी मौत के बाद पत्नी और दोनों बच्चों के सामने जीवन-यापन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
बिना पुलिस को सूचना दिए किया गया अंतिम संस्कार
गुरुवार शाम करीब पांच बजे स्थानीय कब्रिस्तान में नमाज-ए-जनाजा के बाद पिता-पुत्री के शवों को पास-पास बनी कब्रों में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। बताया गया कि पुलिस को घटना की सूचना नहीं दी गई थी। शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार ने पिता-पुत्री की मौत की जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्ची और उसके पिता की मौत के वास्तविक कारण को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह की पुष्टि हो सकेगी।





