ब्रेकिंग
1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानी1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानी

Patna Junction : पटना जंक्शन पर ऑटो स्टॉप हुआ बंद, टाटा पार्क में बनी नई पार्किंग – DM ने दिया आदेश

"पटना जंक्शन पर ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए डीएम ने ऑटो पार्किंग टाटा पार्क में तय की, अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई और यातायात सुधार के निर्देश।"

Patna Junction :  पटना जंक्शन पर ऑटो स्टॉप हुआ बंद, टाटा पार्क में बनी नई पार्किंग – DM ने दिया आदेश
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Patna Junction : पटना शहर में ट्रैफिक जाम एक गंभीर समस्या बन चुका है, जो प्रतिदिन लाखों लोगों की रफ्तार रोकता है और शहर की मुख्य सड़कें जाम का शिकार होती हैं। पटना जंक्शन के आसपास की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहां ऑटो की अव्यवस्थित पार्किंग, ठेले-गुमटियों की भीड़ और अतिक्रमण ने यातायात को पूरी तरह प्रभावित कर रखा था। यात्रियों के लिए रास्ता संकरा हो गया था और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी बाधित हो रही थी। इस गंभीर समस्या को देखते हुए पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने सोमवार को तमाम संबंधित विभागों और ऑटो-व्यापारी संघों के साथ एक अहम बैठक की।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब पटना जंक्शन के मुख्य द्वार पर कोई ऑटो खड़ा नहीं होगा। ऑटो की पार्किंग केवल तय जगह टाटा पार्क में ही होगी, और अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जंक्शन के बाहर रोजाना लगने वाली लंबी ऑटो लाइनें न केवल ट्रैफिक जाम का कारण बन रही थीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और आपात वाहनों के मार्ग में भी बाधा डाल रही थीं।

बैठक में मेट्रो अधिकारियों, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और जिला प्रशासन ने भी भाग लिया। सभी ने मिलकर यह तय किया कि टाटा पार्क में ऑटो पार्किंग को लागू किया जाएगा और रेलवे अपने स्तर पर जीपीओ के पास टेंपू पार्किंग स्थल पर व्यवस्था मजबूत करेगा। पार्किंग शुल्क निर्धारित दर के अनुसार ही लिया जाएगा। रेलवे और जिला प्रशासन मिलकर जंक्शन के बाहर ठेले-गुमटियों को भी शिफ्ट करेंगे, ताकि दोनों लेन पर लगातार बनी रहने वाली भीड़ कम हो और पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित हो सके।

डीएम ने बैठक में स्पष्ट कहा कि अतिक्रमण के खिलाफ नियमित और प्रभावी अभियान चलाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सड़कें जाममुक्त बनाना हो तो ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम और प्रशासन को एकजुट होकर कार्रवाई करनी होगी। नियमों का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। बुद्ध मार्ग, अशोक राजपथ, कंकड़बाग, कारगिल चौक, पाटलिपुत्र बस टर्मिनल और बैरिया जैसे जाम वाले पॉइंट्स पर विशेष फोकस रखा जाएगा।

इसके अलावा, डीएम ने नूतन राजधानी पथ प्रमंडल को निर्देश दिया कि आरएन सिंह मोड़ से मेदांता अस्पताल तक दोनों ओर से सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया जाए। बुद्ध मार्ग और विद्यापति मार्ग पर यातायात सुचारु करने के लिए सुधार योजनाएं तैयार करनी होंगी। एलसीटी घाट–कलेक्ट्रेट घाट के बीच ऑल वेदर रोड बनाने का भी प्रस्ताव मांगा गया है।


पटना जंक्शन के आसपास ट्रैफिक का सबसे बड़ा दबाव मल्टीमॉडल हब से आने-जाने वाले वाहनों का होता है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हब से वाहन परिचालन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि जंक्शन गोलंबर पर वाहन लोड कम हो और यातायात सुचारु रूप से चलता रहे। उन्होंने बुद्ध मार्ग के पश्चिमी हिस्से में मल्टीलेवल पार्किंग को पूरी तरह सक्रिय रखने पर भी जोर दिया।


डीएम ने ट्रैफिक पुलिस को ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के सुगम परिचालन के लिए नियमित पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी विभागों को चेतावनी दी कि नियमों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जनहित में सभी ऑटो और व्यापार संघों को सहयोग करना होगा और नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।


विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से जंक्शन और आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक प्रवाह में सुधार आएगा और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी। वहीं, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की सक्रिय निगरानी से अतिक्रमण और गुमटियों की अव्यवस्थित भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस योजना का लक्ष्य केवल जाम कम करना नहीं है, बल्कि शहर में यातायात को सुव्यवस्थित करना और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक मार्ग सुनिश्चित करना भी है।


पटना शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव और यातायात व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता को देखते हुए यह कदम एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग और संघ नियमों का पालन कर ट्रैफिक व्यवस्था को कितना सुचारु बना पाते हैं।

संबंधित खबरें