PATNA: पटना स्थित इस्कॉन मंदिर से 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस बार की रथयात्रा कई मायनों में विशेष होगी। पहली बार भगवान को 40 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ पर विराजमान कराया जाएगा और 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग क्रेन की सहायता से अर्पित किया जाएगा।
आकर्षण का केंद्र होगा 40 फीट ऊंचा आधुनिक हाइड्रोलिक रथ
रथयात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण आधुनिक तकनीक से तैयार 40 फीट ऊंचा हाइड्रोलिक रथ होगा। इस रथ की ऊंचाई आवश्यकता के अनुसार कम या अधिक की जा सकेगी। यात्रा मार्ग में यदि कहीं बिजली के तार, पेड़ या अन्य अवरोध मिलते हैं, तो रथ की ऊंचाई तुरंत कम कर सुरक्षित रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल रथ के रंग-रोगन और आकर्षक सजावट का कार्य अंतिम चरण में है।
दोपहर 1 बजे विशेष पूजा, 2 बजे शुरू होगी रथयात्रा
16 जुलाई को दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक बुद्धमार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती और भोग का आयोजन होगा। इसके बाद दोपहर 2 बजे भव्य रथयात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। रथयात्रा के दौरान दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक अखंड भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। इस अवसर पर वृंदावन और मायापुर से आए कीर्तन मंडलियां भी अपनी प्रस्तुति देंगी।
क्रेन से चढ़ाया जाएगा 108 प्रकार के व्यंजनों का भोग
इस वर्ष रथयात्रा में पहली बार भगवान जगन्नाथ को 108 प्रकार के व्यंजनों का विशेष भोग क्रेन की मदद से अर्पित किया जाएगा। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
फूलों की वर्षा और रंगोलियों से सजेगा पूरा मार्ग
रथयात्रा मार्ग को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रंगोलियों से सजाया जाएगा। पटना के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार पूरे मार्ग पर भव्य रंगोलियां बनाएंगे। यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा के रथ पर श्रद्धालुओं द्वारा लगातार पुष्पवर्षा की जाएगी। आयोजन समिति के अनुसार भगवान पर हेलिकॉप्टर से भी पुष्पवर्षा की जाएगी।
यह रहेगा रथयात्रा का मार्ग
रथयात्रा बुद्धमार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर से शुरू होकर तारामंडल, इनकम टैक्स गोलंबर, हाईकोर्ट, न्यू म्यूजियम, पटना वीमेंस कॉलेज, कोतवाली थाना, डाकबंगला चौराहा और मौर्यलोक होते हुए पुनः इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी। रथयात्रा के समापन के बाद मंदिर परिसर में सभी श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी।
4 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना
आयोजन समिति के अनुसार इस वर्ष रथयात्रा में पटना सहित आसपास के जिलों से करीब चार लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। बड़ी संख्या में भक्त भगवान के रथ की डोरी खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील
इस्कॉन मंदिर प्रबंधन समिति के को-चेयरमैन रमन मनोहर दास और आदिकर्ता दास ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में रथयात्रा में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ के रथ की डोरी खींचने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। इसलिए सभी श्रद्धालु इस पावन अवसर पर पहुंचकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें।





