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BIHAR: बेवजह केस करने पर हाईकोर्ट ने लगाया 25 हजार रुपया जुर्माना, आवेदक से कहा..अदालत का समय बर्बाद ना करें

पटना हाईकोर्ट ने बेवजह पुनर्विचार याचिका दायर कर अदालत का समय बर्बाद करने पर कड़ा रुख अपनाते हुए आवेदक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता न तो जमीन की प्रकृति साबित कर सके और न ही पूर्व आदेश में किसी त्रुटि का संकेत दे सक

बिहार
पटना हाईकोर्ट का आदेश
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: कोर्ट में बेवजह केस दायर करने पर पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है, अदालत का कीमती समय बर्बाद करने पर नाराजगी जताते हुए आवेदक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। 


जुर्माने की राशि एक महीने के अंदर पटना हाईकोर्ट के लीगल सर्विस कमिटी में आवेदक को जमा करना होगा। जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस सौरेन्द्र पांडेय की खंडपीठ ने कमलेश कुमार सिंह की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया है। 


दरअसल आवेदक ने जमीन संबंधी हाईकोर्ट के पूर्व में दिए गए आदेश पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने उनकी अर्जी नामंजूर कर दी और यह आदेश दिया कि विवादित जमीन सार्वजनिक जमीन है या नहीं, इसे बताने में आवेदक विफल रहे हैं।


कोर्ट ने आगे कहा कि पटना उच्च न्यायालय के पूर्व के आदेश में कोई त्रुटि बताने में भी आवेदक असफल रहे। कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इससे अदालत का कीमती समय बर्बाद हुआ इसलिए आवदेक की पुनर्विचार याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने उस पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।


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