1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 09, 2025, 11:59:52 AM
पटना हाई कोर्ट - फ़ोटो GOOGLE
Patna High Court: पटना हाई कोर्ट परिसर स्थित एक कार्यालय में गुरुवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह आग कोर्ट के भूतल पर स्थित 'प्री रोड सेक्शन' कार्यालय में लगी, जिसकी वजह एक कंप्यूटर के अधिक गर्म हो जाने को बताया जा रहा है। घटना में लगभग एक दर्जन महत्वपूर्ण फाइलें जलकर नष्ट हो गईं, हालांकि समय पर दमकल विभाग की कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
दमकल विभाग के अनुसार, घटना सुबह करीब 6:30 बजे की है जब कार्यालय के बाहर से धुआं निकलता देखा गया। उस समय कार्यालय का दरवाजा बाहर से बंद था। एक सुरक्षा कर्मी ने धुआं देखकर तुरंत दमकल नियंत्रण कक्ष को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही परिसर में खड़ी एक दमकल गाड़ी तथा सचिवालय अग्निशमनालय से दो अतिरिक्त गाड़ियाँ मौके पर रवाना की गईं।
दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर कार्यालय का दरवाजा तोड़ा और भीतर प्रवेश किया। वहां पाया गया कि एक कंप्यूटर में शॉर्ट सर्किट से आग लगी, जो धीरे-धीरे पास में रखी फाइलों और फर्नीचर तक फैल गई थी। कार्यालय में भारी मात्रा में धुआं भर गया था, जिसे बाद में वेंटिलेशन मशीनों की सहायता से बाहर निकाला गया। अग्निशमन अधिकारी ने बताया, "अगर सूचना देने में थोड़ी भी देर हो जाती, तो आग पूरे भवन में फैल सकती थी। सौभाग्य से हमारे कर्मियों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।"
प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। हाई कोर्ट प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुट गया है कि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में न हों। कार्यालय के सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है और फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की तैयारी भी की जा रही है। जली हुई फाइलों में किन-किन मामलों से जुड़ी जानकारियाँ थीं, इसको लेकर हाई कोर्ट प्रशासन ने एक आंतरिक समिति गठित कर दी है। यह समिति यह भी जांच करेगी कि किन सुरक्षा मानकों की अनदेखी के चलते यह आग लगी।
यह घटना कोर्ट परिसर में अग्निशमन व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल खड़े करती है। सूत्रों के अनुसार, परिसर में कई जगहों पर फायर अलार्म और अग्निशमन यंत्र निष्क्रिय अवस्था में पाए गए हैं। प्रशासन अब पूरे परिसर में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने पर विचार कर रहा है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं, न्यायिक कार्यों पर भी इसका सीधा असर नहीं पड़ा क्योंकि घटना कोर्ट की नियमित कार्यवाही शुरू होने से पहले की है।