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पटना हाईकोर्ट को मिलने वाला है नया बॉस! जस्टिस वी. कामेश्वर राव के नाम पर कॉलेजियम की मुहर, जानिए कब संभालेंगे पद

पटना हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के लिए जस्टिस वी. कामेश्वर राव के नाम की सिफारिश की गई है। जानें उनका न्यायिक करियर, अनुभव और कब संभाल सकते हैं पद।

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Tejpratap
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Bihar News: पटना हाईकोर्ट को जल्द ही नया मुख्य न्यायाधीश मिलने वाला है। दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का अगला मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने केंद्र सरकार से की है। केंद्र की मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


फिलहाल जस्टिस सुधीर सिंह पटना हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी।


कौन हैं जस्टिस वी. कामेश्वर राव?

जस्टिस वी. कामेश्वर राव का न्यायिक और कानूनी क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। उनका जन्म 7 अगस्त 1965 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 1987 में भूगोल विषय में बीए ऑनर्स की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 1990 में एलएलबी की डिग्री हासिल की।


मार्च 1991 में उन्होंने बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में अधिवक्ता के रूप में अपना नामांकन कराया। लगभग दो दशक तक वकालत करने के बाद जनवरी 2010 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा दिया।


इसके बाद उनके न्यायिक करियर ने नई दिशा पकड़ी। 17 अप्रैल 2013 को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। करीब दो साल बाद 18 मार्च 2015 को वे स्थायी न्यायाधीश बने।


दिल्ली से कर्नाटक और फिर दिल्ली वापसी

जस्टिस कामेश्वर राव का न्यायिक सफर केवल दिल्ली हाईकोर्ट तक सीमित नहीं रहा। 1 जून 2024 को उनका तबादला कर्नाटक हाईकोर्ट कर दिया गया। वहां उन्होंने न्यायिक जिम्मेदारियां संभालीं और 30 मई 2025 को उन्हें कर्नाटक हाईकोर्ट का कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बनाया गया।


इसके बाद 21 जुलाई 2025 को उनकी दिल्ली हाईकोर्ट में दोबारा वापसी हुई। वर्तमान में वे दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं।


कानून के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनकी विशेषज्ञता मानी जाती है। इनमें सेवा कानून, श्रम कानून, संवैधानिक कानून और प्रशासनिक कानून प्रमुख हैं। इन्हीं क्षेत्रों में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद के लिए उनका नाम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


पटना हाईकोर्ट को लगातार बदलते रहे नेतृत्व

पटना हाईकोर्ट में हाल के महीनों में मुख्य न्यायाधीश के पद पर बदलाव देखने को मिला है। 5 जून 2026 को न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय ने पटना हाईकोर्ट की 48वीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। वह पटना हाईकोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनी थीं।


हालांकि उनका कार्यकाल लंबा नहीं रहा और 11 जुलाई 2026 को वे सेवानिवृत्त हो गईं। इसके बाद जस्टिस सुधीर सिंह को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई।


अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से जस्टिस वी. कामेश्वर राव के नाम की सिफारिश के बाद पटना हाईकोर्ट को स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।


केंद्र की मंजूरी के बाद संभालेंगे पद

कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब नियुक्ति की अगली प्रक्रिया केंद्र सरकार के स्तर पर होगी। केंद्र की मंजूरी और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जस्टिस वी. कामेश्वर राव पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाल सकते हैं।


उनके पटना हाईकोर्ट आने से न्यायिक प्रशासन को उनके लंबे अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर संवैधानिक, प्रशासनिक और सेवा कानून से जुड़े मामलों में उनका अनुभव हाईकोर्ट के कामकाज के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।