1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 27, 2026, 1:39:03 PM
- फ़ोटो Google
Patna High Court: पटना हाईकोर्ट अपने इतिहास में पहली बार 46 न्यायाधीशों के साथ कार्य करेगा। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 26 फरवरी 2026 को हुई बैठक में नौ अधिवक्ताओं को न्यायाधीश नियुक्त करने की मंजूरी दी है। इन नियुक्तियों के बाद हाईकोर्ट की कार्य क्षमता लगभग 87% तक पहुंच जाएगी, जो अब तक का सबसे बड़ा कार्यरत बल होगा।
केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होने के बाद कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 46 हो जाएगी। हाईकोर्ट में कुल 53 स्वीकृत न्यायाधीश पद हैं। कॉलेजियम द्वारा जिन अधिवक्ताओं को न्यायाधीश बनाए जाने की मंजूरी दी गई है, उनमें मो. नदीम सिराज, रंजन कुमार झा, कुमार मनीष, संजीव कुमार, गिरिजिश कुमार, आलोक कुमार, राज कुमार, राणा विक्रम सिंह और विकास कुमार शामिल हैं।
वर्ष 2026 में तीन न्यायाधीश मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू (4 जून 2026), न्यायाधीश नवनीत कुमार पांडेय (28 फरवरी 2026) और न्यायाधीश बिबेक चौधरी (31 अक्टूबर 2026) सेवानिवृत्त होंगे। नई नियुक्तियों से न्यायिक निरंतरता सुनिश्चित होगी और अदालत के कामकाज पर सेवानिवृत्ति का कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा, बिहार स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष रमाकांत शर्मा, महाधिवक्ता पी.के. शाही और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने इस कदम को स्वागतयोग्य बताया। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग पूर्ण क्षमता के साथ कार्य करने से लंबित मामलों के निपटान में तेजी आएगी और आम लोगों को समयबद्ध न्याय सुनिश्चित होगा। यह नियुक्ति पटना हाईकोर्ट के इतिहास में एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व क्षण माना जा रहा है।