1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 30, 2025, 7:41:20 AM
- फ़ोटो AI PHOTO
Patna ganja smuggling : पटना पुलिस ने उत्तर-पूर्वी राज्यों से गांजा मंगाकर दिल्ली और बनारस में खपाने वाले एक संगठित तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत कुल छह तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के पास से 120 किलो गांजा, तीन लग्जरी कार, दो वॉकी-टॉकी, सात मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद किया गया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान वैशाली जिले के रहने वाले विक्की कुमार जयसवाल, अनिल कुमार, सत्यम दत्त गुप्ता, दिलखुश कुमार, अरविंद कुमार और अमित राज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार विक्की कुमार जयसवाल इस पूरे नेटवर्क का सरगना है। उसने पटना के साथ-साथ दिल्ली में भी अपना कार्यालय खोल रखा था, जहां से गांजा तस्करी के नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था। पुलिस अब विक्की के फरार भाई रिक्की की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
राजेन्द्र नगर आरओबी से खुला मामला
इस पूरे मामले का खुलासा 28 दिसंबर को हुआ, जब चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस को राजेन्द्र नगर आरओबी के पास एक कार में कुछ संदिग्ध लोगों के होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही डीआईयू (डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से दो ट्रॉली बैग और एक बोरी में रखा करीब 34 किलो गांजा बरामद किया गया। मौके से अनिल कुमार, सत्यम दत्त गुप्ता, दिलखुश कुमार, अरविंद कुमार और अमित राज को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों ने बताया कि वे सभी एक बड़े गांजा तस्कर गिरोह के सदस्य हैं और इसका संचालन विक्की कुमार जयसवाल करता है। आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने पटना के अशोक नगर स्थित एक अपार्टमेंट में छापेमारी की, जहां गिरोह का कार्यालय चल रहा था। यहां से पुलिस ने करीब 85 किलो गांजा और दो लग्जरी कारें बरामद कीं। इसी दौरान सरगना विक्की कुमार जयसवाल को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
उत्तर-पूर्व से पटना, फिर दिल्ली और बनारस
एसपी सिटी पूर्वी परिचय कुमार ने बताया कि यह तस्कर गिरोह बीते एक वर्ष से पूरी तरह संगठित तरीके से काम कर रहा था। गिरोह उत्तर-पूर्वी राज्यों के गुवाहाटी और अगरतल्ला से गांजे की खेप मंगाता था। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बचने के लिए तस्कर तेजस एक्सप्रेस और अन्य अतिविशिष्ट ट्रेनों से यात्रा करते थे। गांजे को ट्रॉली बैग में भरकर सामान्य यात्रियों की तरह पटना लाया जाता था, ताकि किसी को शक न हो।
पटना पहुंचने के बाद गांजे की खेप को लग्जरी कारों के जरिए बनारस और दिल्ली भेजा जाता था, जहां इसे ऊंचे दामों पर खपाया जाता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि विक्की कुमार ने दिल्ली में अलग से कार्यालय खोल रखा था, जिससे वहां के नेटवर्क को संभाला जा सके।
नेटवर्क की और परतें खुलने की उम्मीद
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान नशा तस्करी से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पटना पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि राज्य को नशे का ट्रांजिट प्वॉइंट बनने से रोकने के लिए ऐसे संगठित गिरोहों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।