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वियतनाम में मौत के बाद नहीं लौट पाई पटना के व्यवसायी का पार्थिव शरीर, परिजनों ने सरकार से लगाई गुहार

पटना का एक परिवार वियतनाम में फंस गया है, जहां मुखिया की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वीज़ा और कागजी अड़चनों के कारण न तो परिवार भारत लौट पा रहा है और न ही शव स्वदेश लाया जा सका है।

बिहार न्यूज
परिजनों में मचा कोहराम
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

PATNA: पटना के मीठापुर स्थित न्यू विग्रहपुर कॉलोनी निवासी विंदा प्रसाद की वियतनाम में इलाज के दौरान 4 अप्रैल को मौत हो गई, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी उनकी पार्थिव देह भारत नहीं लाई जा सकी है। इस कारण परिवार गहरे सदमे और बेबसी में है।


परिजनों के अनुसार, विंदा प्रसाद 11 मार्च को बिजनेस ट्रिप पर वियतनाम गए थे, जहां उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान ही 4 अप्रैल को उनका निधन हो गया। मृतक के पोते और अन्य रिश्तेदार वियतनाम पहुंच चुके हैं, ताकि पार्थिव देह को भारत लाया जा सके, लेकिन अब तक इसमें कोई सफलता नहीं मिली है। परिवार का आरोप है कि भारतीय दूतावास (एम्बेसी) से लगातार संपर्क करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिल रहा है, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।


मृतक की पोती अमीषा सिंह ने भावुक अपील करते हुए कहा, “हमने एम्बेसी से कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर बार यही कहा जाता है कि ‘हम देख रहे हैं’। हमें अपने दादा के अंतिम दर्शन का अधिकार है, कृपया उनकी बॉडी जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए।” इधर पटना में मृतक की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे परिवार और मोहल्ले में शोक का माहौल है। परिजन लगातार सरकार से मदद की अपील कर रहे हैं।


परिवार ने इस मामले में बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे से भी सहायता की गुहार लगाई है। दोनों जनप्रतिनिधियों ने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। परिजनों ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि वे इस मामले में जल्द हस्तक्षेप करें, ताकि मृतक की पार्थिव देह को भारत लाकर अंतिम संस्कार किया जा सके।




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