ब्रेकिंग
सीवान SP पूरन कुमार झा की बहन सपना झा बनीं SDO, BPSC में 201वीं रैंक हासिल कर तीसरे प्रयास में पाई सफलताभरत तिवारी एनकाउंटर मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, निष्पक्ष जांच की उठी मांगNEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले बिहार में EOU अलर्ट, 135 संदिग्धों पर कड़ी नजर; सोशल मीडिया की निगरानी तेज‘भरत तिवारी के परिजनों से जाकर माफी मांगें मुख्यमंत्री’, सीएम सम्राट चौधरी को तेजस्वी यादव की नसीहतBPSC 70वीं परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, इतने अभ्यर्थी हुए सलेक्ट; श्रद्धा पांडेय बनीं टॉपरसीवान SP पूरन कुमार झा की बहन सपना झा बनीं SDO, BPSC में 201वीं रैंक हासिल कर तीसरे प्रयास में पाई सफलताभरत तिवारी एनकाउंटर मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, निष्पक्ष जांच की उठी मांगNEET UG 2026 री-एग्जाम से पहले बिहार में EOU अलर्ट, 135 संदिग्धों पर कड़ी नजर; सोशल मीडिया की निगरानी तेज‘भरत तिवारी के परिजनों से जाकर माफी मांगें मुख्यमंत्री’, सीएम सम्राट चौधरी को तेजस्वी यादव की नसीहतBPSC 70वीं परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी, इतने अभ्यर्थी हुए सलेक्ट; श्रद्धा पांडेय बनीं टॉपर

KYC के नाम पर ठगी का बड़ा खुलासा, एक क्लिक में खाली खाता! APK फाइल से मोबाइल हैक कर 12 लाख उड़ाए

Bihar Cyber Crime News: पटना में साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका अपनाकर लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। केवाईसी अपडेट के नाम पर एक ऐसा जाल बिछाया गया, जिसमें एक शख्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पूरा मामला आगे पढ़ें...

KYC के नाम पर ठगी का बड़ा खुलासा, एक क्लिक में खाली खाता! APK फाइल से मोबाइल हैक कर 12 लाख उड़ाए
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Cyber Crime News: राजधानी पटना में साइबर ठगों ने ठगी का ऐसा नया तरीका अपनाया है, जिसे जानकर आप भी सतर्क हो जाएंगे। अब ठग सीधे कॉल कर “केवाईसी अपडेट” का झांसा देते हैं और एक APK फाइल भेजकर मोबाइल पर कब्जा कर लेते हैं। जैसे ही यह फाइल इंस्टॉल होती है, पूरा फोन हैक हो जाता है और बैंक अकाउंट से पैसे गायब होने लगते हैं।


ताजा मामला पटना का है, जहां एक निजी फर्म संचालक को ठगों ने निशाना बनाया। पीड़ित धीरज कुमार को एक कॉल आया, जिसमें खुद को बैंक अधिकारी बताकर केवाईसी अपडेट कराने की बात कही गई। भरोसा जीतने के बाद उन्हें एक APK फाइल भेजी गई और उसे इंस्टॉल करने के लिए कहा गया।


जैसे ही उन्होंने फाइल डाउनलोड की, ठगों ने उनके मोबाइल का पूरा एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद चालाकी से उन्हें बार-बार कॉल कर यह भरोसा दिलाया गया कि उनके खाते की लिमिट बढ़ाई जा रही है। इसी बहाने उनके खाते से लगातार पैसे निकाले जाते रहे। कुछ ही समय में करीब 12 लाख रुपये साफ कर दिए गए।


पीड़ित को शुरुआत में लगा कि यह बैंक की प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन जब शक हुआ और उन्होंने बैंक से संपर्क किया, तब जाकर सच्चाई सामने आई। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जहां पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।


इसी तरह का एक और मामला सामने आया है, जहां बेऊर इलाके के एक युवक को ट्रैफिक चालान के नाम पर APK फाइल भेजी गई। युवक ने जैसे ही फाइल डाउनलोड की, उसका मोबाइल भी हैक हो गया और उसके खाते से ऑनलाइन शॉपिंग कर ली गई।


जानकारों का कहना है कि APK फाइल के जरिए ठग आपके मोबाइल में स्पाइवेयर डाल देते हैं, जिससे वे आपके मैसेज, बैंक डिटेल, OTP और ऐप्स तक पहुंच बना लेते हैं। इसके बाद वे बिना किसी रुकावट के आपके खाते से पैसे निकाल सकते हैं।