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Bihar coaching registration : पटना में कोचिंग रजिस्ट्रेशन का क्या है हकीकत! खान सर का सेंटर अनरजिस्टर्ड, रौशन सर की एंट्री नहीं—पूरा सिस्टम सवालों में

पटना में कोचिंग पंजीयन की ऑनलाइन प्रक्रिया पिछले 5 महीने से बंद है, जबकि ऑफलाइन सिस्टम भी ठप है। इससे सैकड़ों कोचिंग संचालक परेशान हैं और जिला शिक्षा कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

Bihar coaching registration : पटना में कोचिंग रजिस्ट्रेशन का क्या है हकीकत! खान सर का सेंटर अनरजिस्टर्ड, रौशन सर की एंट्री नहीं—पूरा सिस्टम सवालों में
Tejpratap
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Bihar coaching registration : राजधानी पटना में कोचिंग संस्थानों के पंजीयन की पूरी प्रक्रिया पिछले पांच महीनों से ठप पड़ी हुई है, जिससे सैकड़ों कोचिंग संचालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, फरवरी 2025 में कोचिंग पंजीयन के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल [https://pcr.bihar.gov.in](https://pcr.bihar.gov.in) लॉन्च किया गया था, जिसके बाद ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। लेकिन अब यह पोर्टल भी फरवरी 2026 में बंद हो चुका है, जिससे पंजीयन व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गई है।


पोर्टल संचालन की जिम्मेदारी एक निजी एजेंसी को सौंपी गई थी, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से यह व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चल सकी। जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से बताया गया कि पोर्टल को पुनः शुरू करने के लिए जिला पदाधिकारी को कई बार पत्राचार किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में न तो ऑनलाइन आवेदन हो पा रहे हैं और न ही ऑफलाइन प्रक्रिया बहाल की गई है।


स्थिति यह है कि कोचिंग संचालक रोजाना जिला शिक्षा कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। इससे जिले में कोचिंग संचालन से जुड़े लोगों में असंतोष और अनिश्चितता का माहौल है।


आंकड़ों के अनुसार, पटना जिले में वर्तमान में कुल 529 पंजीकृत कोचिंग संस्थान हैं। फरवरी 2025 में जब पोर्टल शुरू किया गया था, तब कुल 38 आवेदन प्राप्त हुए थे। इन सभी आवेदनों की जांच की गई, जिसमें सभी को मानक के अनुरूप पाया गया। हालांकि इनमें से 12 कोचिंग संस्थानों की जांच प्रक्रिया अभी भी लंबित है, जिनमें 10 पटना सदर और 2 बाढ़ प्रखंड के संस्थान शामिल हैं।


दानापुर प्रखंड से प्राप्त एक आवेदन को मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण अस्वीकृत कर दिया गया था। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, पटना सदर प्रखंड में केवल चार कोचिंग संस्थानों को ही अब तक पंजीकरण प्रमाणपत्र (NOC) प्रदान किया गया है, जबकि इस क्षेत्र के बाजार समिति, मुसल्लहपुर हाट, भिखना पहाड़ी, अशोक राजपथ और महेंद्रू जैसे इलाकों में सैकड़ों कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं।


मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में स्थित एक चर्चित कोचिंग संस्थान ने पंजीयन के लिए आवेदन किया था, जिसकी स्थल जांच भी पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक उसे NOC जारी नहीं किया गया है। वहीं इसी इलाके में स्थित एक अन्य कोचिंग संस्थान ने अब तक आवेदन ही नहीं किया है और वह बिना पंजीकरण के ही संचालित बताया जा रहा है। बोरिंग रोड स्थित एक अन्य कोचिंग संस्थान के बारे में बताया गया है कि उसके पंजीयन के लिए भी कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।


कोचिंग पंजीयन प्रक्रिया के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच के लिए एक पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। इस समिति में जिला पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक और मगध महिला कॉलेज के प्राचार्य शामिल होते हैं। समिति की रिपोर्ट के आधार पर एसडीओ द्वारा अंतिम रिपोर्ट तैयार कर जिला शिक्षा कार्यालय को भेजी जाती है।


नियमों के अनुसार, बिना पंजीयन के कोचिंग संचालन अवैध माना जाता है और ऐसे मामलों में एक लाख रुपये तक का जुर्माना और प्राथमिकी दर्ज करने का प्रावधान है। वहीं नए पंजीयन के लिए 15 हजार रुपये और नवीनीकरण के लिए 5 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।


कोचिंग संस्थानों के लिए भवन मानक भी तय किए गए हैं, जिसके तहत कम से कम 500 वर्ग फीट क्षेत्रफल और 9 मीटर ऊंचाई अनिवार्य है। साथ ही प्रति छात्र न्यूनतम एक वर्ग मीटर स्थान, अलग-अलग शौचालय व्यवस्था और फायर सेफ्टी मानकों का पालन भी जरूरी है। फिलहाल पोर्टल बंद होने और ऑफलाइन प्रक्रिया स्थगित रहने के कारण पूरे जिले में कोचिंग पंजीयन व्यवस्था पूरी तरह से असमंजस में है, जिससे न केवल संचालक बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी सवालों के घेरे में आ गई है।