1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 12 Feb 2026 09:06:06 AM IST
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Pahadi Saidpur Nala : पटना सिटी के पहाड़ी-सैदपुर नाले के निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की पोल उस समय खुल गई, जब टूटे सुरक्षा घेरे के कारण एक छात्र नाले में गिर गया। यह घटना बुधवार दोपहर करीब तीन बजे शाहगंज नहर रोड के पास हुई। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता से छात्र को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पहाड़ी-सैदपुर नाले का निर्माण कार्य दोनों ओर से तेजी से चल रहा है। निर्माण कार्य के कारण नाले के किनारे की सड़कों पर अस्थायी सुरक्षा घेरा बांस और टीन के करकट से बनाया गया था। लेकिन कई जगहों पर यह घेरा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है।
शनिचरा मोड़ के पास नाले के किनारे की सड़क भी धंस गई है, जिसके कारण इस रास्ते से आवागमन प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क धंसने और सुरक्षा घेरे के टूटने से आए दिन दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। बावजूद इसके, संबंधित विभाग की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बुधवार को शाहगंज नहर रोड के दक्षिणी सड़क से एक छात्र पैदल गुजर रहा था। उसी दौरान सामने से आ रही एक बाइक से बचने की कोशिश में छात्र का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे सुरक्षा घेरा विहीन नाले में गिर गया। नाले में गिरते ही छात्र मदद के लिए चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि घायल छात्र की पहचान शिवम के रूप में हुई है, जो इलाके के एक लॉज में रहकर पढ़ाई करता है। घटना के बाद शिवम काफी घबराया हुआ था, हालांकि उसे गंभीर चोट नहीं आई। लोगों ने बताया कि यदि समय पर छात्र को बाहर नहीं निकाला जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि नाला निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नाले और सड़क के बीच लगाया गया बांस और टीन का घेरा कई जगहों से टूटकर नाले में गिर चुका है, जिससे यह रास्ता बेहद खतरनाक हो गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सुरक्षा घेरा दुरुस्त कराने और धंसी सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस रास्ते पर मजबूत और सुरक्षित घेरा लगाया जाना जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल खड़ा कर दिया है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।