Bihar Road : बिहार के इस इलाके के लोगों की बदलेगी किस्मत, 2 लेन की जगह अब 4 लेन सडकों का होगा निर्माण; सरकार से मिली मंजूरी

बिहार सरकार ने पटना-औरंगाबाद-हरिहरगंज सड़क (NH-139) को फोरलेन में बदलने की योजना की घोषणा की है। सड़क चौड़ीकरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। पटना से औरंगाबाद होते हुए हरिहरगंज तक जाने वाली इस सड़क पर ट्रैफिक बढ़ने के कारण

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 12 Feb 2026 07:43:57 AM IST

Bihar Road : बिहार के इस इलाके के लोगों की बदलेगी किस्मत, 2 लेन की जगह अब 4 लेन सडकों का होगा निर्माण; सरकार से मिली मंजूरी

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Bihar Road : बिहार में सड़क विकास का बड़ा काम शुरू होने जा रहा है। पटना को दक्षिण बिहार के जिलों से जोड़ने वाली पटना-औरंगाबाद-हरिहरगंज सड़क को फोरलेन में बदलने की तैयारी की जा रही है। यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-139 (NH-139) का हिस्सा है और पटना से होकर औरंगाबाद होते हुए हरिहरगंज तक जाती है। इस मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक और वाहन संख्या को देखते हुए सड़क का चौड़ीकरण आवश्यक हो गया है।


विधानसभा में त्रिविक्रम सिंह के तारांकित प्रश्न के उत्तर में पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि सड़क के चौड़ीकरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाई जा रही है। चौड़ाई बढ़ाने के संबंध में केंद्र सरकार के साथ पत्राचार भी हो चुका है। मंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को आठ जनवरी को पत्र भेजा था, जिसका उत्तर मिल चुका है। केंद्र सरकार ने डीपीआर तैयार करने की मांग की है।


सड़क चौड़ीकरण के साथ-साथ नवादा जिले में कई अन्य सड़क सुधार की मांगें भी उठाई गई हैं। नवादा नगर से NH-20 और NH-10 को जोड़ने वाली सड़कें जर्जर स्थिति में हैं और आम लोगों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। विशेष रूप से अग्रवाल पेट्रोल पम्प के सामने से हड्डी गोदाम होते हुए सीधे NH-20 तक जाने वाली सड़क का पुनर्निर्माण जरूरी बताया गया है। बिहार विधान परिषद के 212वें सत्र में नवादा MLC अशोक कुमार ने अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से इस सड़क का पुनर्निर्माण कराने की मांग की।


सड़क जर्जर होने के कारण यात्रियों को असुविधा हो रही है, और बारिश के मौसम में कच्ची सड़क से आवागमन करना कठिन हो जाता है। इसके अलावा, नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड के कुलना पंचायत स्थित बंदरकोल गांव में मुख्य पथ तक करीब तीन किमी लंबाई में संपर्क पथ बनाने की मांग भी उठी है। ग्रामीणों ने बताया कि संपर्क पथ न होने से उन्हें बरसात में मुख्य सड़क तक पहुंचने में काफी कठिनाई होती है।


इस प्रकार, बिहार सरकार और केंद्र सरकार मिलकर सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने और ग्रामीणों के आवागमन को आसान बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। पटना-औरंगाबाद-हरिहरगंज फोरलेन सड़क बनने के बाद दक्षिण बिहार के जिलों की मुख्य शहरों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है। साथ ही नवादा जिले की सड़कें सुधारने से स्थानीय लोगों को दैनिक आवागमन में सुविधा मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।


सड़क सुधार और चौड़ीकरण की इन परियोजनाओं से न केवल ट्रैफिक की समस्या कम होगी बल्कि क्षेत्र में विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने सड़क निर्माण और मरम्मत पर तेजी से काम करने का आश्वासन दिया है। इस योजना के पूरा होने के बाद पटना से औरंगाबाद और हरिहरगंज तक का सफर सुरक्षित, तेज़ और सुविधाजनक हो जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में संपर्क पथ बनने से स्थानीय लोगों की जीवनशैली में भी सुधार आएगा और उन्हें मूलभूत सुविधाओं तक आसान पहुंच मिलेगी।