1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 12 Feb 2026 09:51:42 AM IST
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Civil Court Bomb Threat : पटना सिविल कोर्ट को एक बार फिर उड़ाने की धमकी मिलने से न्यायिक परिसर में हड़कंप मच गया है। महज 24 घंटे के भीतर दूसरी बार इस तरह की धमकी मिलने से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। बताया जा रहा है कि अज्ञात व्यक्ति ने कोर्ट के रजिस्ट्रार को फोन कर इस धमकी की जानकारी दी, जिसके बाद तत्काल सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, गुरूवार सुबह रजिस्ट्रार के आधिकारिक फोन पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने सिविल कोर्ट परिसर को बम से उड़ाने की धमकी दी। धमकी मिलने के बाद कोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस और जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे कोर्ट परिसर की गहन जांच शुरू कर दी गई।
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान कोर्ट भवन, पार्किंग एरिया, रिकॉर्ड रूम और अन्य संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की गई। हालांकि जांच के दौरान किसी भी तरह का संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
कोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा जांच पूरी होने तक कोर्ट के फर्स्ट हाफ में न्यायिक कार्य पूरी तरह बंद रखा गया। इस दौरान वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई। बाद में सुरक्षा एजेंसियों से क्लीन चिट मिलने के बाद कोर्ट का कामकाज दूसरे हाफ से शुरू करने का निर्णय लिया गया।
इस घटना के बाद कोर्ट परिसर के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच और कड़ी कर दी गई है। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की तलाशी ली जा रही है और पहचान पत्र की जांच भी अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुट गए हैं।
पुलिस ने बताया कि धमकी देने वाले नंबर को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है और साइबर सेल की मदद भी ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले को शरारती तत्वों की करतूत मानकर जांच कर रही है, लेकिन किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।
लगातार मिल रही धमकियों से वकीलों और कर्मचारियों में भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है। कई अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि न्यायिक कार्य से जुड़े स्थानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।