1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 03, 2026, 7:47:01 AM
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Bihar Road Project : पटना से बेतिया को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित फोरलेन सड़क परियोजना अब तेजी से आगे बढ़ रही है। इस महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए पश्चिम चंपारण जिले में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रशासन ने इस दिशा में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस परियोजना के तहत जिले के कुल 13 मौजों में जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
सरकार की ओर से इस कार्य के लिए करीब 9 करोड़ 35 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। जिन इलाकों में भूमि अधिग्रहण किया जाना है, उनमें पश्चिम करगहिया, मथौली, हाटसरैया, भरपटिया, गुरवलिया विश्वास, टोला विशुनपुर, पकडिया, विशुनपुर, धूमनगर, टोला सनसरैया, जमुनिया, जगदीशपुर और विशंभरपुर शामिल हैं। प्रशासन की ओर से जल्द ही इन क्षेत्रों के जमीन मालिकों को नोटिस भेजा जाएगा, ताकि आगे की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
यह फोरलेन सड़क अरेराज होते हुए बेतिया तक जाएगी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 42 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण से उत्तर बिहार के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। अभी तक इस रूट पर यातायात की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रही है, लेकिन फोरलेन बनने के बाद सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा। इससे पटना और बेतिया के बीच की दूरी तय करने में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों की जमीन इस परियोजना में ली जाएगी, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा। जमीन के अलावा वहां मौजूद मकान, पेड़-पौधे या अन्य संरचनाओं का भी अलग से आकलन कर मुआवजा तय किया जाएगा। किसानों को उनकी जमीन की कीमत बाजार दर के अनुसार दी जाएगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न हो और वे संतुष्ट रहें।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। अधिकारियों का मानना है कि सड़क बनने से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, पर्यटन को भी इससे काफी फायदा पहुंचेगा, क्योंकि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से बाहरी पर्यटकों का आना-जाना आसान हो जाएगा।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से और तय समय सीमा के भीतर पूरी की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति को परेशानी न हो और सभी को उनका अधिकार समय पर मिले।
कुल मिलाकर, पटना-बेतिया फोरलेन प्रोजेक्ट उत्तर बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता है। इससे न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।