ब्रेकिंग
लेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशलेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेश

बिहटा के NSMCH में जुटे मेडिकल विशेषज्ञ, बीमारियों की पहचान के लिए आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल पर हुई गहन चर्चा

बिहटा स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में आयोजित ‘मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एक्सीलेंस समिट 2025’ में देश भर के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हुए। आधुनिक जांच तकनीकों, डिजिटल PCR, NIPT और ब्रेस्ट कैंसर डायग्नॉस्टिक्स पर विस्तृत चर्चा और ट्रेनिंग

बिहार
एक दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: पटना के बिहटा स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल में देश भर से जुटे डॉक्टरों ने बीमारियों की पहचान के लिए जांच के आधुनिक तरीकों पर गहन चर्चा की. बिहार मॉलेक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एक्सीलेंस समिट 2025 के तहत नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का आयोजन किया गया था. 


इस शैक्षणिक कार्यक्रम में पीएमसीएच, एनएमसीएच ,आईजिआईएमएस,एम्स,ईएसआईसी,डीएमसीएच, आरजेडीएम,रुबन मेमोरियल, महावीर कैंसर सेंटर सहित राज्य के कई मेडिकल संस्थानों से आए पीजी विद्यार्थियों, विशेषज्ञ चिकित्सको और फैकल्टी सदस्यों ने भाग लिया. कार्यक्रम के दौरान अत्याधुनिक डायग्नॉस्टिक तकनीकों पर दो कार्यशालाएँ आयोजित की गईं.


डिजिटल पीसीआर एवं एनआईपीटी और इम्यूनोहिस्टोकैमिस्ट्री एवं ब्रेस्ट कैंसर को लेकर आयोजित वर्कशॉप में प्रतिभागियों ने पूरे दिन व्यावहारिक प्रशिक्षण, डेमो, केस-बेस्ड सेशन और विशेषज्ञों के साथ संवाद में सक्रिय रूप से भाग लिया. विशेष रूप से इम्यूनोहिस्टोकैमिस्ट्री पर आयोजित सत्र में कैंसर के निदान में इस तकनीक की भूमिका, उपचार पर पड़ने वाले प्रभाव, तथा दवाओं के चयन में इसकी उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा हुई.


कार्यक्रम में ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. स्वर्णिमा सिंह,डॉ.आर.पी. सिंह,डॉ. बिनय कुमार ,डॉ. अरुण सिन्हा,डॉ. शैलेता प्रिसी सहित हैदराबाद से आए विख्यात शोध विशेषज्ञों ने भी अपनी तकनीकी जानकारी और अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक पहलों से राज्य के चिकित्सकों और विद्यार्थियों में डायग्नॉस्टिक जागरूकता एवं तकनीकी दक्षता को मजबूती मिलती है, जिससे वे मॉलेक्यूलर मेडिसिन के नवीनतम प्रगतियों से निरंतर अपडेट रह सकते हैं.बिहटा के NSMCH में जुटे मेडिकल विशेषज्ञ, बीमारियों की पहचान के लिए आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल पर हुई गहन चर्चाबिहटा के NSMCH में जुटे मेडिकल विशेषज्ञ, बीमारियों की पहचान के लिए आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल पर हुई गहन चर्चा

बिहटा के NSMCH में जुटे मेडिकल विशेषज्ञ, बीमारियों की पहचान के लिए आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल पर हुई गहन चर्चाबिहटा के NSMCH में जुटे मेडिकल विशेषज्ञ, बीमारियों की पहचान के लिए आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल पर हुई गहन चर्चाबिहटा के NSMCH में जुटे मेडिकल विशेषज्ञ, बीमारियों की पहचान के लिए आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल पर हुई गहन चर्चा

बिहटा के NSMCH में जुटे मेडिकल विशेषज्ञ, बीमारियों की पहचान के लिए आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल पर हुई गहन चर्चा

टैग्स

संबंधित खबरें